अगले माह अफ्रीका जाएंगे अधिकारी,चीता लेन की व्यवस्थाओं पर होगी बात
भोपाल
मध्य प्रदेश में चीता कैसे आएगा, उसके लिए क्या प्रबंध करने होंगे और निगरानी कैसे की जाएगी। इन तमाम विषयों पर मंथन करने के लिए अगले माह वन विभाग के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल और मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक आलोक कुमार दक्षिण अफ्रीका जाएंगे। ये अधिकारी एक हफ्ते वहां रुककर तमाम व्यवस्थाओं पर बात करेंगे। वैसे तो इन अधिकारियों को 29 सितंबर को ही दक्षिण अफ्रीका जाना था, पर दल में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और उनके कर्मचारियों का नाम शामिल होने के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रस्ताव अटक गया है।
ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में 14 चीता लाए जा रहे हैं। चंबल-ग्वालियर अंचल में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण श्योपुर के कूनो पालपुर नेशनल पार्क में चीता परियोजना की तैयारियों में भले ही देरी हो रही हो, पर परियोजना पर लगातार काम चल रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत वन विभाग के आला अधिकारियों को चीता शिफ्टिंग से संबंधित कुछ मसलों पर चर्चा के लिए दक्षिण अफ्रीका जाना है।
इसे लेकर एक महीने पहले केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। 29 सितंबर यात्रा की अनुमानित तारीख भी थी, पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में दल में केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और उनके स्टाफ का नाम भी शामिल कर दिया। जानकार बताते हैं कि प्रस्ताव को पीएमओ ने रोक दिया है।
यह भी पूछा गया है कि मंत्री क्यों जा रहे हैं। इसलिए अधिकारियों का दल अब एक महीने बाद जाएगा। क्योंकि प्रस्ताव संशोधित होगा और फिर पीएमओ से अनुमति होगी। तब बीजा के लिए आवेदन दिया जाएगा। इसमें एक महीने का समय लग सकता है।
#Cheetah Lane will be discussed

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