Sunday, October 25th, 2026

चोरी छुपे कराये जा रहे बाल विवाहो को अफसर ने रोका

सूरजपुर। बाल विवाह कराये जाने की सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने चोरी-छिपे किये जा रहे बाल विवाहो की रोका। अधिकारी के आने पर आनन-फानन मे लडकी वालो ने मंडप उखाडकर लडको को छुपा दिया था।

मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर के ग्राम तेलगवां का है जहा एक नही 6 बाल विवाह संपन्न कराये जा रहे थे। इसके पहले कि बाल विवाह की रस्मे पूरी हो पाती सूचना मिलने पर बाल संरक्षण अधिकारी अपनी टीम के साथ धमक पडे और उन्होने सख्ती भी दिखाई और समझाया भी। परिजनों को जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने समझाते उनके खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी। इसी के साथ उन्हे बताया कि विवाह की अनुमति देने वाले और शामिल होने वाले सभी पर कार्रवाई की जाएगी। 15 साल के लड़के की शादी, उससे पूछा तक नहीं गया रामानुजनगर के ग्राम तेलगवां में टीम पहुंची तो वहां एक बारात ले जाने की तैयारी चल रही थी। इस पर टीम ने लड़के से मिलवाने की बात कही। पहले तो परिजन तैयार नहीं हुए, फिर उसे बाहर बुलाया। उसे बालिग बताने लगे। इस पर टीम ने शैक्षणिक दस्तावेज मांगे। उससे पता चला कि उम्र साढ़े 15 साल ही है। वहीं शादी के लिए लड़के से पूछा तक नहीं गया था। प्रशासन की टीम ने उन्हें समझाइश दी और शादी को रुकवाया।

बारात निकलने वाली थी, टीम पहुंची तो भागे सूरजपुर के कुरूआं नवापारा में 18 साल के लड़के का विवाह संपन्न कराया जा रहा था। उसकी बरात उदयपुर के लिए निकलने वाली थी। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। उनको देखते ही मंडप उखाड़ कर घरवाले अंदर छिप गए। लड़के को दूसरे घर में छिपा दिया गया। टीम के दबाव पर लड़के को सामने लाया गया। दस्तावेज की जांच की गई तो पता चला कि लड़का 18 साल का है। लड़के वालों को समझाकर बारात लाने से रोका करकोली भैयाथान में में 17 साल की लड़की की शादी कराई जा रही थी। सारी तैयारी पूरी हो गई थी। बारात भी आने वाली थी। इसे देखते हुए लड़के पक्ष के लोगों से अफसरों ने मोबाइल पर बात की। लड़की के बालिग होने तक एक साल रुकने के लिए समझाया। उनके मानने के बाद लड़की वालों ने मंडप उखाड़ दिया। इसी तरह जरही प्रतापपुर में भी टीम ने 18 साल के एक लड़की की शादी रुकवाई। लड़की को छिपाकर खुद भी भागे परिजन, सरपंच को बुलाया तब आए सामने दूसरी ओर केवड़ा प्रतापपुर में भी 17 साल की लड़की की शादी रुकवाई गई। टीम के आने की आशंका पर लड़की को दूसरी जगह छिपा दिया गया था। घरवाले भी दूसरे जगह चले गए थे। सरपंच, सचिव और अन्य ग्रामीणों को बुलाया गया। उनके कहने पर लड़की और उसके परिजन टीम के सामने आए। सभी को समझाइश दी गई। तब घरवाले लड़की के बालिग होने पर ही शादी के लिए राजी हुए। 10वीं की छात्रा की हो रही थी शादी, कार्रवाई की धमकी से रुकी वहीं ग्राम शर्मा में नाबालिग लड़की की शादी की जा रही थी। ग्राम झांसी से बरात निकलने वाली थी। पता चला कि लड़की 10वीं में पढ़ाई कर रही है। इस पर टीम लड़की के गांव पहुंच गई। परिजनों को जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने समझाया। उन्हें कार्रवाई की धमकी दी। साथ ही बताया कि विवाह की अनुमति देने वाले और शामिल होने वाले सभी पर कार्रवाई की जाएगी। जो सहयोगी होगा, वह भी फंसेगा। इसके बाद परिजनो ने शादी को रद्द कर दिया।

 

Source : Agency

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