ओडिशा तट और 326 गांवों को सुनामी से निपटने के लिए किया जाएगा तैयार
भुवनेश्वर
चक्रवात, बाढ़ और बिजली प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा पाने के बाद अब राज्य सरकार ने तटीय गांवों को सुनामी के लिए तैयार करने की पहल की है। लोकसेवा भवन से मुख्य सचिव सुरेश चंद्र महापात्र की अध्यक्षता में डिजिटल मोड पर हुई राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें विकास आयुक्त एवं विशेष राहत आयोग प्रदीप कुमार जेना ने आपदा प्रबंधन की तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक रूपरेखा पर चर्चा की। हाल के वर्षों में अनियमित वर्षा पैटर्न को देखते हुए मुख्य सचिव ने शहरी बाढ़ प्रबंधन की क्षमता विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने ऊंची इमारतों में आग और अन्य आपात दुर्घटनाओं से निपटने के लिए तैयार रहने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा महापात्र ने राज्य की आपदा से लड़ने वाली शाखा को उच्च तकनीक उपकरणों से लैस होने के निर्देश दिए।
वहीं, विकास आयुक्त ने ओडिशा के दो गांवों नोलियासाही और वेंकटरायपुर को हिंद महासागर क्षेत्र के पहले सुनामी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार गांवों के रूप में यूनेस्को-अंतर सरकारी समुद्र विज्ञान से मान्यता मिलने के लिए उनकी प्रशंसा भी की। उन्होंने ओडिशा तट के साथ 326 और गांवों को सुनामी के लिए तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा।

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