Tuesday, October 20th, 2026

ओबीसी आरक्षण: सभी 55 याचिकाओं पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बैंच में तर्कों पर बहस

जबलपुर
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आज अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण की सभी 55 याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही है। चीफ जस्टिस रवि मालिमठ की डिवीजन बैंच में 55 याचिकाओं पर सुनवाई होना है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले पर शीघ्र सुनवाई किए जाने के दिशा-निर्देश हैं।

जबलपुर निवासी छात्रा अशिता दुबे और अन्य की ओर से दाखिल याचिका में अधिवक्ता आदित्य संघी ने पक्ष रखा जबकि राज्य शासन की ओर से ओबीसी का पक्ष विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने रखा। याचिकाकर्ताओं की ओर से मध्यप्रदेश में 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण किए जाने का विरोध किया गया। इसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत की रोशनी में यह अवैध है। हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए 19 मार्च 2019 को प्री-पीजी नीट और मेडिकल की परीक्षाओं में ओबीसी को आरक्षण बढ़ाने पर रोक लगा दी थी।

हाईकोर्ट ने बाद में शिक्षक भर्ती और मेडिकल आॅफिसर की भर्तियों और आयुष कोर्स में प्रवेश सहित अन्य परीक्षाओं में भी ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने पर रोक लगा दी थी। इसी बीच राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण बढ़ा कर 27 प्रतिशत करतने का विधेयक विगत 2 सितम्बर 2021 को पारित कर दिया और इसका नोटिफिकेशन जारी कर इसे लागू भी कर दिया। इस पर सामाजिक संस्था यूथ फॉर इक्वलिटी की ओर से इस नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई। उधर ओबीसी वेलफे यर एसोसिएशन की ओर से राज्य सरकार के ओबीसी आरक्षण बढ़ाने का समर्थन किया गया।
    
    
   

 

 

Source : Agency

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