भोपाल में जीटीएस की सँख्या बढ़कर हो जाएगी 16
भोपाल
राजधानी में पांच नई जगहों पर गावेंज ट्रांसफर स्टेशन (जीटीएस) बनाने की मंजूरी मिल गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे। अभी शहर के अलग-अलग इलाकों में 11 कचरा ट्रांसफर स्टेशन हैं, जो बढ़कर 16 जाएंगे। नए ट्रांसफर स्टेशन बनने से कचरे के ट्रास्पोटेशन का दवाब कम हो जाएगा। फिलहाल जगह को लेकर सर्वे किया जा रहा है, जहां सबसे अधिक जरूरत होगी, वहीं यह ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित कचरा ट्रांसफर स्टेशन अगले दो महीने में बनकर तैयार हो जाएंगे। दरअसल स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के मद्देनजर नगर निगम भोपाल हर स्तर पर तैयारियों में जुटा है। इंदौर की तर्ज पर भोपाल में भी संसाधनों के साथ सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। वर्तमान में शहर के अलग-अलग इलाकों में 11 कचरा ट्रांसफर स्टेशन है, जहां शहर के 19 जोन के 85 वार्डों से निकलने वाले कचरे को भेजा जाता है। ट्रांसफर स्टेशन पर कचरा एकत्रित करने के बाद सेग्रीगेटेड वेस्ट को आदमपुर लैंडफिल साइट भेजा जा रहा है।
अभी यहां हैं 11 जीटीएस
राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पहले चरण में नगर निगम ने आठ कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाए थे। फिर जरूरत को देखते तीन और बढ़ाए गए। अब 5 नए कचरा ट्रांसफर स्टेशन को मंजूरी मिल गई है। फिलहाल शहर के बैरागढ़, आरिफ नगर, यादगार-ए शाहजहांनी पार्क दानापानी, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, भदभदा, कोकता, ईदगाह हिल्स, शाहपुरा, कजलीखेड़ा में यह ट्रांसफर स्टेशन बने हुए हैं। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक 23 लाख की आबादी पर 11 ट्रांसफर स्टेशन हैं, जबकि जरूरत 20 की है। इस लिहाज से 5 नए ट्रांसफर स्टेशन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। करीब 16 लाख रूपए की लागत से ट्रांसफर स्टेशन तैयार होंगे।

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