अब डाक से ड्रायविंग लायसेंस आएगा आपके घर
( अमिताभ पाण्डेय)
भोपाल । मध्यप्रदेश में परिवहन विभाग में नागरिकों के सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभिनव पहल की है। इसके कारण परिवहन विभाग से तैयार हुआ आपका ड्राइविंग लाइसेंस अब आपको डाक के माध्यम से घर बैठे मिल जाएगा । इसके लिए आपको डाक विभाग का शुल्क देना होगा।
जल्द ही यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी । इसके साथ ही परिवहन कार्यालय में जाकर तैयार ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की सुविधा भी जारी रहेगी।
यहां यह बताना जरूरी होगा कि मध्यप्रदेश का परिवहन विभाग जनहित में नवाचार करने जा रहा है। इसके अंतर्गत ऑनलाइन ड्रायविंग लायसेंस बनने के बाद अब आप अपना ड्रायविंग लायसेंस स्वयं जाने की जगह डाक से बुलवा भी सकते है। इस संबंध में राज्य मंत्रालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में चर्चा की गई । बैठक में राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, प्रमुख सचिव, परिवहन फैज अहमद किदवई, परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
इस बारे में जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से दूर दराज रहने वाले आवेदक अपना ड्रायविंग लायसेंस डाक विभाग के स्पीड पोस्ट से घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।
परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले आवेदकों को ड्रायविंग लायसेंस लेने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाना नहीं पड़ेंगे। अब उन्हें काउन्टर से लायसेंस प्राप्त करने के साथ परिवहन विभाग स्पीड पोस्ट से ड्रायविंग लायसेंस उनके घर भिजवाएगा। आवेदक को अपना आवेदन करते समय उसमें दोनो ऑप्शन में से एक चुनना होगा। स्पीड पोस्ट का व्यय आवेदक को स्वयं वहन करना होगा। परिवहन विभाग के द्वारा प्रारंभ की जाने वाली नई व्यवस्था से आम जनता को समय की बचत के साथ-साथ परिवहन कार्यालय जाने की समस्या से निजात मिल जावेगी । श्री राजपूत ने बताया कि ड्रायविंग लायसेंस को घर पहुंचाने की सुविधा के सुचारू संचालन के लिए परिवहन विभाग जल्द ही डाक विभाग से अनुबंध करेगा । अभी इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किसी एक जिले से प्रारम्भ किया जाएगा। उसके गुण-दोष के आधार पर उसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि 15 वर्ष पुराने शासकीय वाहन अब 1 अप्रैल 2023 तक ही मान्य होंगें। संबंधित विभागों को अपने वाहन मान्यता प्राप्त स्क्रेपिंग एजेन्सी में स्क्रैप कराना होंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 4 हजार शासकीय वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं। श्री राजपूत ने कहा कि परिवहन नीति में नए टैक्स आमजन के लिए काफी लचीले और फायदेमंद होंगे। इससे जहाँ शासन के खाते में राजस्व की वृद्धि होगी वहीं वाहन मालिक भी इससे लाभान्वित होंगे।
इस बैठक में प्रमुख सचिव परिवहन फैज अहमद किदवई ने बताया कि कई स्वरूप में बसों के ऑल इंडिया परमिट के लिए प्रति सीट टैक्स में कमी का प्रस्ताव रखा गया। इसी प्रकार राज्य के बाहर से आने वाली ऐसी बसें जो फैक्ट्री में स्टाफ को लाने ले जाने के लिए अनुबंधित हैं, पर टैक्स का प्रावधान रखा गया है। अभी तक इस प्रकार के वाहनों पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता। इसी प्रकार की स्कूल बसों पर प्रति सीट प्रति वर्ष की दर से टैक्स का प्रावधान रखा गया है।

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