Tuesday, October 20th, 2026

अब ब्रांकोस्कोपी से भी ब्लैक फंगस का इलाज

जबलपुर
 ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ने के कारण नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो ऑपरेशन थिएटर चालू किए गए हैं। यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा ताकि मरीजों को ऑपरेशन के लिए इंतजार न करना पड़े। इसी प्रकार एंडोस्कोपी का विकल्प भी मेडिकल ने ढूंढ लिया है। एंडोस्कोपी से हाेने वाले ऑपरेशन में अब ब्रांकोस्कोपी भी सहारा बन रही है। मेडिकल के डीन डॉ. प्रदीप कसार की पहल पर नाक कान गला रोग विभाग को दो ब्रांकोस्कोपी मशीन प्रदाय की गई है। जिसके बाद दोनों ऑपरेशन थिएटर ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों के ऑपरेशन के लिए खोल दिए गए।

ब्रांकोस्कोपी को भी एंडोस्कोपी की तर्ज पर उपयोग में लाया जा रहा है। इधर, मेडिकल में ब्लैक फंगस के पांच नए मरीज भर्ती किए गए। 53 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। अब तक आठ मरीजों को जान गंवानी पड़ी है। जान गंवाने वाले मरीज विलंब से अस्पताल पहुंचे थे। उनकी जान बचाने के लिए चिकित्सकों को ऑपरेशन का भी समय नहीं मिला। वर्तमान में मेडिकल में भर्ती ब्लैक फंगस के 123 मरीजों में दो कोरोना वायरस से भी संक्रमित हैं।

सुबह से रात तक होते हैं ऑपरेशन: नाक कान गला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कविता सचदेवा ने बताया कि ब्लैक फंगस मरीजों के ऑपरेशन में विलंब न होने पाए। इसलिए सुबह से देर रात तक मेडिकल में ऑपरेशन किए जा रहे हैं। दो शिफ्ट में ऑपरेशन कर रोजाना कम से कम 5-6 मरीजों के ऑपरेशन करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने बताया कि अब तक किसी भी मरीज की आंख निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ी। इतना ही नहीं मस्तिष्क तक पहुंच चुके ब्लैक फंगस के तीन मरीजों के ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस से संभावित किसी भी तरह के लक्षण सामने आने पर बिना देर किए उपचार के लिए मेडिकल पहुंचे।

 

#ब्लैक फंगस का इलाज

Source : Agency

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