Sunday, October 25th, 2026

सोया मिल्क व सोयाबड़ी उत्पाद के लिए नहीं किया गया किसी भी फर्म से अनुबंध

रायपुर
दुर्ग में भंडारण एवं वितरण व्यवस्था के कारण कुछ सोयामिल्क के पैकेट खराब हुए थे और बिलासपुर में कुछ मात्रा में सोयाबड़ी खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुई थी। दुर्ग में मिली शिकायत पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा भुगतान नहीं लिया गया, वहीं बिलासपुर में सोयाबाड़ी को बदलकर दूसरी सोयाबड़ी प्रदाय की गई। सोया मिल्क व सोयाबड़ी उत्पाद के लिए किसी भी फर्म से अनुबंध नहीं किया गया है बल्कि पीपीपी मोड में त्रिपक्षीय अनुबंध कर इसका निष्पादन किया जा रहा है। उक्त बातें विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सदन को बताए।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के द्वारा सोया मिल्क, सोयाबड़ी व अन्य उत्पाद हेतु किसी निजी फर्म के साथ अनुबंध नहीं किया गया है। लेकिन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि बीज विकास निगम, छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टेक्निकल कंस्लटेंसी सेंटर (सिटकॉन) एवं लक्ष्य नेचूरल फुड प्राइवेट लिमिटे के साथ त्रिपक्षीय अनुबंध 21 दिसंबर 2012 को निष्पादित किया गया है जो पिछले दो वर्षों से जारी है।

कौशिक ने पूछा कि पिछले दो वर्षो व इस वित्तीय वर्ष में प्रदाय की गई सोया मिल्क व सोयाबड़ी उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है? तो क्या कार्यवाही की गई। इस पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदाय की गई सोया मिल्क के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, स्कूल शिक्षा विभाग दुर्ग से कुछ सोया मिल्क पैकेट खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुई थी। उक्त खराब सोया मिल्क भंडारण एवं वितरण में अव्यवस्था के कारण आई थी जिसकी राशि का भुगतान छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा नहीं लिया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला बिलासपुर में आपूर्ति की गई कुछ मात्रा में सोयाबड़ी खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुई थी। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा उसको बदलकर अच्छी गुणवत्ता वाली सोयाबड़ी प्रदाय कर दी गई थी।

कौशिक ने फिर सवाल किया कि जिस फर्म के द्वारा यह प्रदाय किया गया था उस पर अनुबंध की शर्तों के आधार पर क्या कार्यवाही की जानी थी व क्या कार्यवाही की गई। इसके जवाब रविंद्र चौबे ने बताया कि बीज निगम के एसपीव्ही कंपनी के प्रदाय प्रदाय किए गए सोया मिल्क व सोयाबड़ी की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं पाई गई है। भंडारण व वितरण के दौरान जिन जगहों पर सोया मिल्क व सोयाबड़ी में खराब पाई थी उसे बदलकर अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री पुन: स्कूल शिक्षा विभाग को प्रदाय कर दिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा सोया मिल्क व सोयाबड़ी का क्रय नहीं किया गया है।

 

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Source : Agency

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