बिहार में नए भवन निर्माण नियम तय, कमरे-रसोई की न्यूनतम ऊंचाई और साइज अनिवार्य
पटना
अगर आप बिहार में किसी जगह पर अपना नया मकान बनाना चाहते हैं या फिर आप कोई बिल्डर हैं और नया अपार्टमेंट बनाना चाहते हैं तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए। राज्य में ने मकानों, रसोईघर या शौचालय की ऊंचाई कितनी हो, इसे लेकर नए मानक बनाए गए हैं। इन मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होगी। दरअसल बिहार में अपार्टमेंट और मकान के कमरे, रसोई, शौचालय आदि के क्षेत्रफल और ऊंचाई के मानक तय कर दिए गए हैं। कमरे की ऊंचाई कम से कम 2.75 वर्गमीटर या 9 फीट और क्षेत्रफल 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट होगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर गाज गिरेगी। नक्शा स्वीकृत नहीं होगा।
नगर विकास विभाग ने भवन निर्माण उपविधि के ड्राफ्ट में इसे शामिल किया है। सम्राट चौधरी कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। ड्राफ्ट में मकान के सभी घटक(कंपोनेंट) की ऊंचाई, चौड़ाई और क्षेत्रफल के मानक निर्धारित किए गए हैं। न्यूनतम मानकों का पालन करना सभी बिल्डर या मकान निर्माण करने वालों के लिए जरूरी होगा। इसके अनुसार रहने योग्य कमरे का क्षेत्रफल कम से कम 9 वर्गमीटर या 97 वर्गफीट, चौड़ाई 2.4 मीटर या 8 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी।
इसी तरह रसोई का क्षेत्रफल 4.5 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.8 मीटर या 6 फीट और ऊंचाई 2.75 मीटर या 9 फीट होगी। केवल स्नानागार यानी बाथरूम का क्षेत्रफल कम से कम 1.8 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.2 मीटर और ऊंचाई 2.2 मीटर होगी। केवल शौचालय का क्षेत्रफल कम से कम 1.2 वर्गमीटर, चौड़ाई 0.9 मीटर होना चाहिए।
इसी तरह प्लिंथ और छत की मुंडेर की ऊंचाई भी निर्धारित की गई है। वर्तमान में निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया जाता है। बिल्डर स्वीकृत ऊंचाई में ज्यादा से ज्यादा फ्लोर बनाने के फेर में कमरे की ऊंचाई कम कर देते हैं। कई जगह आठ फुट तक ऊंचाई होती है। इससे आम लोगों को परेशानी होती है। जाहिर है नई भवन निर्माण उपविधि के लागू होने से ऐसी गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगेगी।
घटक - क्षेत्रफल (वर्गफीट) - चौड़ाई (फीट) - ऊंचाई (फीट)
कमरा- 97 - 8 - 9
रसोई - 48.5 - 6 - 9
रसोई और डायनिंग - 81 - 7 - 9
केवल स्नानागार - 20 - 4 - 7.25
केवल शौचालय - 13 -3 - 7.25
शौचालय और स्नानागार - 30 - 4- 7.25
छत की मुंडेर - तय नहीं - तय नहीं - 3.95 से 4.92 फीट

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