Monday, October 19th, 2026

टोक्यो ओलंपिक में नीरज ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड मैडल, 100 साल का सूखा किया खत्म

 टोक्यो
 भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह देश के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले दूसरे खिलाड़ी और पहले एथलीट हैं। नीरज की इस सफलता के साथ भारत 1 स्वर्ण, 2 रजत और चार कांस्य के साथ टोक्य ओलंपिक का समापन करेगा। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल किया। 86.67 मीटर के साथ चेक गणराज्य के याकुब वाल्देज दूसरे स्थान पर रहे जबकि उनके ही देश के विटेस्लाव वेसेली को 85.44 मीटर के साथ कांस्य मिला।

नीरज का प्रदर्शन फाइनल में भी बेहद शानदार रहा और उन्होंने एथलेक्टिक्स में मेडल के 100 साल के सूखे को भी खत्म कर दिया है। नीरज ने फाइनल मैच में अपना पहला ही थ्रो 87.03 मीटर का फेंका और गोल्ड की उम्मीद जगा दी। इसके बाद दूसरे प्रयास में नीरज ने 87.58 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल पक्का कर लिया।  

नीरज भारत की तरफ से ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले महज दूसरे ही खिलाड़ी हैं। उनसे पहले साल 2008  में अभिनव ब्रिंदा ने निशानेबाजी में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया था। एथलेटिक्स में यह ओलंपिक खेलों में भारत का पहला गोल्ड मेडल है और इसके साथ ही 23 साल के नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया है। नीरज ने अपने पहले दो थ्रो में ही गोल्ड मेडल पक्का कर लिया था। बाकी एथलीटों ने काफी प्रयास किया, लेकिन वह नीरज के 87.58 मीटर के थ्रो को पार नहीं कर सके।

टोक्यो खेलों में भारत के 7 मेडल रहे. भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड पर कब्जा जमाया. इससे पहले कुश्ती में बजरंग पुनिया ने कांस्य दिलाया. पहलवान रवि दहिया (57 किग्रा भार वर्ग) और भारोत्तोलन में मीराबाई चनू ने रजत पदक पर कब्जा किया. भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता. बैडमिंटन में पीवी सिंधु और बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन के नाम भी कांस्य पदक हैं. ओलंपिक में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. 2012 के लंदन ओलंपिक में भारत ने 6 पदक जीते थे.

 

 

#नीरज का प्रदर्शन

Source : Agency

पाठको की राय