Monday, October 19th, 2026

बस्तर में नवाखाई तिहार की शुरुआत, इंद्रावती तट पर लगी विशेष सेवा अर्जी

जगदलपुर.

बस्तर में ‘नया खानी’ (नवाखाई) तिहार की शुरूआत हो गई है, नवखाई से पूर्व जगदलपुर के घाटकवाली में स्थानीय ग्रामीणों ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इंद्रावती नदी के तट पर एकत्रित होकर एक विशेष सेवा अर्जी का आयोजन किया.

इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल की देवी, जलनी (माता) आया को श्रद्धापूर्वक सोने की नाव और चांदी का पतवार भेंट की. इस अनोखी भेंट के साथ ही ग्रामीणों ने सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और बिना किसी विघ्न-बाधा के नया खानी त्यौहार को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए जलनी आया से अनुमति मांगी. आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बस्तर के जनजातीय समाज में कृषि और प्रकृति से जुड़े त्यौहारों का विशेष महत्व है. ‘नया खानी’ तिहार नई फसल के आने की खुशी में मनाया जाता है, जिसमें खेतों से आई नई फसल (धान) का भोग सबसे पहले देवी-देवताओं और पूर्वजों को लगाया जाता है, घाटकवाली गांव की मान्यता के अनुसार, इंद्रावती नदी और उनकी देवी ‘जलनी आया’ घाटकवाली की जीवनदायिनी हैं.

ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि जलनी आया की अनुमति और आशीर्वाद के बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्ण नहीं हो सकता, यही कारण है कि पुरखों से चली आ रही परंपरा अनुसार सोने की नाव और चांदी का पतवार अर्पित कर जलनी आया को प्रसन्न किया गया, ताकि गांव पर उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे, पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान गांव के बैगा, सिरहा, पुजारी और मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इंद्रावती नदी के घाट पर एकत्रित हुए, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच पूजा की रस्में पूरी की गईं.

 

#Nawakhai Tihar

Source : Agency

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