Tuesday, October 20th, 2026

पेट फूलने, एसिडिटी और कब्ज़ से पार पाने के लिए प्राकृतिक घरेलू उपचार!

पेट की गुड़गुड़, कलेजे में जलन, जी खट्ठा होना, हाजमा खराब होना जैसी शिकायतें अक्सर की जाती हैं। इन सभी समस्याओं की जड़ पेट है। जब पाचन बिगड़ जाता है तो ये डायजेस्टिव प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं। इनके पीछे आपके कुछ काम होते हैं, जिन्हें सुधारकर इन रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।

खराब पाचन की वजह से एसिडिटी से लेकर कब्ज तक कई रोग होते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. दीक्षा भावसार सावलिया ने ऐसे कुछ टिप्स दिए हैं जो आपके डायजेशन को सुधार सकते हैं। दवा के बिना अपने पाचन को बेहतर बनाने के लिए अपने रूटीन में ये काम शामिल करें।

पाचन सुधारने के घरेलू उपाय
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खाने के तुरंत बाद ना नहाएं

आयुर्वेद के अनुसार हर काम करने का एक सही समय होता है। जिसे नजरअंदाज करने पर शरीर को नुकसान पहुंचता है। डॉ. दीक्षा ने बताया कि खाने के बाद अगले 2 घंटों तक नहाना नहीं चाहिए। खाना खाने पर पाचक अग्नि तेज हो जाती है जो पचाने में मदद करती है। लेकिन जब आप नहाते हैं तो शरीर का तापमान भी कम हो जाता है और पाचन धीमा हो जाता है।


खाने के तुरंत बाद ना टहलें

ज्यादा लंबा चलना, स्विमिंग और एक्सरसाइज जैसी एक्टिविटी वात को बढ़ाती हैं और डायजेशन में रुकावट डालती हैं। जिससे इंफ्लामेशन, पोषण न मिलना और खाने के बाद असहजता महसूस होती है। भोजन के बाद केवल 1 से 10 मिनट तक शतावली यानी 100 कदम चलना फायदेमंद होता है।

खाने के तुरंत बाद न सोएं

आयुर्वेद कहता है कि खाने और सोने के बीच कम से कम 3 घंटे का गैप होना चाहिए। नींद में शरीर खुद की रिपेयरिंग करता है और दिमाग दिनभर के विचारों और भावनाओं को पचाता है। इसलिए रात का खाना हल्का होना चाहिए और सोने से करीब 3 घंटे पहले होना चाहिए।

खाने के बाद वज्रासन में बैठें

भोजन के बाद वज्रासन में बैठने से पेट और निचले शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे हेल्दी मेटाबॉलिज्म होता है। इससे इंफ्लामेशन, एसिडिटी, कब्ज और पेट की दूसरी दिक्कतें खत्म होती हैं। जिन लोगों के पास भोजन के बाद काम करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है, उनके लिए 100 कदम चलना और फिर आराम से काम पर वापस आना सबसे रास्ता है।

 

Source : Agency

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