नाथ ने दिए संकेत, उपचुनाव तक टल सकता है PCC पुनर्गठन
भोपाल
प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्र और एक लोकसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव तक प्रदेश कांग्रेस का पुनर्गठन टल सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने यह संकेत दिए हैं। फिलहाल कांग्रेस उपचुनाव पर फोकस करना चाहती है।
कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कमलनाथ पिछले दिनों भोपाल आए थे। इन दोनों नेताओं से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट तेज हो गई थी कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को कमलनाथ भंग कर इनका जल्द पुनर्गठन कर सकते हैं।
इस सुगबुगाहट के बीच कमलनाथ ने भोपाल में अपनी कोर टीम सहित चुनिंदा नेताओं से कहा है कि उपचुनाव पर कांग्रेस को फोकस करना है। कांग्रेस का मानना है कि खंडवा लोकसभा उपचुनाव के परिणामों का देश भर में संदेश जाएगा, इसलिए इस लोकसभा चुनाव पर कांग्रेस को सबसे ज्यादा फोकस करना है। वहीं कांग्रेस के पास जोबट और पृथ्वीपुर दो सीटें थी, जिन पर अब उपचुनाव होना है, ऐसे में कमलनाथ नहीं चाहते कि इन दोनों सीट पर पार्टी को हार का सामना करना पड़े। वहीं रैगांव सीट जीतकर वे भाजपा के कब्जे से इस सीट को कांग्रेस की झोली में डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने नेताओं से कहा है कि फिलहाल सबसे ज्यादा फोकस इन उपचुनाव पर ही पार्टी का होगा। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि पीसीसी का पुनर्गठन फिलहाल उपचुनाव तक टाला जा सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग को अविलंब आरक्षण का लाभ दिया जाए। कमलनाथ ने ट्वीट किया है कि उनकी सरकार ने ओबीसी के उत्थान के लिए प्रदेश में आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। इसको लेकर न्यायालय में कुछ याचिकाएं लगी थी। उन पर अंतरिम आदेश दिया गया था, बाकी जगह इस पर कोई रोक नहीं थी। लेकिन इस आदेश पर दिए गए गलत अभिमत के आधार पर सभी विभागों में नियुक्तियों में रोक लगाकर शिवराज सरकार में ओबीसी को उनको हक से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस इसी का विरोध कर रही है। नाथ ने कहा कि अंतरित आदेश से संबंधित विभागों को छोड़कर सरकारी नौकरियों व शैक्षणिक संस्थानों में बढ़े हुए आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है।

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