Saturday, October 24th, 2026

मुख्तार को सजा, बेटे उमर अंसारी के खिलाफ NBW; अंसारी फैमिली पर कसा शिकंजा

गाजीपुर
 हेट स्पीट मामले में शनिवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने मुख्तार अंसारी के पुत्र उमर अंसारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। क्षेत्राधिकारी धनंजय मिश्रा ने बताया कि कोर्ट द्वारा वारंट जारी करने के बाद गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी गई है। जल्द ही फरार उमर को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया जाएगा।

गाजीपुर कोर्ट की ओर से मुख्तार एवं अफजाल को सजा सुनाए जाने के बाद अब मुख्तार के दूसरे पुत्र उमर अंसारी के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने विधानसभा चुनाव के दौरान हेट स्पीट मामले में गैर जमानती वारंटी जारी कर दिया है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी के साथ ही उनके भाई उमर ने अधिकारियों को देख लेने एवं हिसाब-किताब बराबर करने का भड़काऊ भाषण दिया था। हेटस्पीट मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई के दौरान कई बार आरोपी उमर को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए।

सजा के बाद मऊ में बढ़ाई गई सुरक्षा
मऊ सदर विधानसभा के पांच बार के विधायक रहे मुख्तार अंसारी को गाजीपुर एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा शनिवार को दस साल की सजा सुनाए जाने के बाद मऊ में सुरक्षा-व्यवस्था चौकस कर दी गई है। क्षेत्राधिकारी धनंजय मिश्रा ने बताया कि मुख्तार के खिलाफ यहां कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इसमें ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड में वह बरी हो चुके हैं, जबकि छह मुकदमों पर ट्रायल चल रहा है।

मऊ से हुई थी मुख्‍तार के राजनीतिक करियर की शुरुआत
मुख्तार अंसारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत मऊ जिले से ही की थी। वर्ष 1996 में पहली बार बसपा से विजयी होकर विधानसभा पहुंचे थे। 2002 में दूसरी बार निर्दलीय विधायक चुने गए। 2007 में मुख्तार तीसरी बार बसपा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2012 में कौमी एकता दल से चौथी बार जीते। 2017 में पांचवीं बार विधानसभा सीट से विजयी हुए।

 

 

#अंसारी फैमिली पर कसा शिकंजा

Source : Agency

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