सीएसजेएमयू और बीयू के पत्रकारिता विभाग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
- ज्ञान के प्रसार के लिए एमओयू एक बेहतर प्लेटफार्म: प्रो. विनय कुमार पाठक
- दोनों संस्थान अकादमिक कार्यों में बेहतर समन्वय के साथ करेंगे कार्य
कानपुर
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में अब बुन्देलखंड विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के छात्र भी पढ़ सकेंगे। समय-समय पर यहां के शिक्षक वहां जाकर अध्यापन कार्य करेंगे तो सेमिनार, शोध और मीडिया संबंधी अन्य क्रियाकलापों में भी दोनों विश्वविद्यालयों के बीच साझा कार्यक्रमों को भी शुरू किये जाने पर सहमति बनी है। ऐसा संभव हो सका है यशस्वी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के आधुनिक विजन और प्रेरणा से। उनके निर्देशन में विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के भाष्कर इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिज्म के बीच कई बिन्दुओं पर सहमति के साथ मेमोरेण्डम ऑफ अण्डरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किया गया।
ज्ञातव्य है कि कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक का मानना है कि ज्ञान का जितना विस्तार किया जाये, उतना ही बेहतर है। तकनीकी का इस्तेमाल कर इसे और बेहतर किया जा सकता है। ज्ञान के प्रसार के लिए अवसर बनाये जाने चाहिये। यह समाज और राष्ट्र की बेहतरी के लिए अच्छा होगा। प्रो. पाठक की इसी सोच की परिणति का परिणाम दोनों विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू है। इसके अंतर्गत दोनों संस्थानों अपने अध्ययन और शोध कार्यों को साझा कर सकते हैं। फैकल्टी भी दोनों संस्थानों में अध्ययन से लेकर प्रोजेक्ट आदि पर संयुक्त रूप से कार्यक्रमों को बढ़ा सकते हैं। साझा शोध कार्य के साथ सेमिनार, शाट टर्म कोर्सेज और एकेडमिक मीटिंग का भी कार्य कर सकेंगे। अब दोनों संस्थानों के बीच रिसर्च और शैक्षिक पाठ्यक्रमों, प्रकाशनों और सूचनाओं के साथ तकनीकी सहयोग को तरजीह दी जाएगी। दोनों संस्थान मिलकर क्रेडिट और नॉन क्रेडिट पाठ्यक्रमों को भी गति देने का कार्य करेंगे। इसके अलावा किसी समसामयिक विषय पर भी दोनों संस्थान मिलकर रणनीति तैयार कर सकते है।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और बुन्देलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश कुमार पाण्डेय के हस्ताक्षर से संपन्न इस एमओयू के समन्वयन का कार्य पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. योगेन्द्र कुमार पाण्डेय और बुन्देलखंड विश्वविद्यालय में बीआईएमसीजे के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशल त्रिपाठी करेंगे। हस्ताक्षर के बाद दोनों विभागों के बीच एमओयू की फाइल आदान-प्रदान किया गया। इस एमओयू के बाद दोनों विश्वविद्यालयों छात्र स्टडी टूर के तहत संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

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