मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल ग्राहकों को देगा महंगाई का तगड़ा झटका
नई दिल्ली
मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों को जल्द महंगाई का तगड़ा झटका लग सकता है। इसका कारण यह है कि दूरसंचार कंपनियां फिर से टैरिफ में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही हैं। दरअसल, निष्क्रिय ग्राहकों की वजह से दूरसंचार कंपनियों की प्रति ग्राहक औसत कमाई (एआरपीयू) गिर रही है। इसमें सुधार लाने के लिए कंपनियां फिर से टैरिफ में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। इससे पहले दिसंबर 2021 में मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी की गई थी। इसके बावजूद सक्रिय ग्राहक आधार में बढ़ोतरी हुई थी। इससे उत्साहित दूरसंचार कंपनियां फिर से टैरिफ में बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों के निष्कर्ष के आधार पर कहा जा सकता है कि जो ग्राहक दो या तीन कनेक्शन इस्तेमाल कर रहे हैं, केवल वे ही कंपनियां छोड़ रहे हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ: दूरसंचार क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि भारती एयरटेल प्रति ग्राहक औसत कमाई में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वहीं, रिलायंस जियो अपने नेटवर्क पर ग्राहकों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, टैरिफ में एक और बढ़ोतरी के बावजूद दूरसंचार क्षेत्र का परिदृश्य काफी मजबूत दिख रहा है।
कंपनियों का सक्रिय ग्राहक आधार बढ़ा
निष्क्रिय ग्राहकों के बाहर होने से कंपनियों के सक्रिय ग्राहक आधार में बढ़ोतरी हो रही है। उदाहरण के लिए- निष्क्रिय ग्राहकों की संख्या में कमी से रिलायंस जियो का सक्रिय ग्राहक आधार प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में रिलायंस जियो के सक्रिय ग्राहकों की संख्या 94 प्रतिशत रही है जो अभी तक सबसे उच्च स्तर है।
भारती एयरटेल में एआरपीयू 200 रुपये होने की उम्मीद
देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भारती एयरटेल को इस साल एआरपीयू 200 रुपये महीना होने की उम्मीद है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का एआरपीयू 163 रुपये महीना था। इसी तरह से वोडाफोन आईडिया भी एआरपीयू बढ़ाने पर जोर दे रही है। हालांकि, कंपनी ने एआरपीयू राशि का खुलासा नहीं किया है।
पिछले दो महीने से घट रहे ग्राहक
टैरिफ में बढ़ोतरी के कारण पिछले दो महीने से मोबाइल (वायरलैस) इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या में कमी आ रही है। इसके उलट सक्रिय ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। इसका मतलब यह है कि पैसा देकर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। जानकारों के मुताबिक, इसका कारण यह है कि अब दूरसंचार आवश्यक सेवाओं में शामिल हो गया है।

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