मोदी सरकार ने उठाया यह अहम कदम, सस्ते होंगे खाद्य तेल
नई दिल्ली
सरसों तेल से लेकर सोयाबीन, रिफाइंड, सूरजमुखी, पॉम आयल जैसे खाद्य तेलों की तेजी से भागती कीमतों पर मोदी सरकार ने लगाम लगाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। देश के कुल खाद्य तेल की खपत में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला पॉम ऑयल की कीमतें बहुत जल्द गिरेंगी। मोदी सरकार ने घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में कमी लाने के उद्देश्य से मंगलवार को कच्चे पाम तेल पर लगने वाला आयात शुल्क की मानक दर को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया। अन्य पाम तेलों पर यह 37.5 प्रतिशत होगी। यह निर्णय 30 सितंबर तक जारी रहेगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना में कहा कि कच्चे पाम तेल पर मानक सीमा शुल्क (बीसीडी) दर संशोधित कर दस प्रतिशत किया गया है। जो बुधवार से प्रभावी होगी।
कच्चे पाम तेल पर 10 प्रतिशत के मूल आयात शुल्क के साथ प्रभावी आयात शुल्क 30.25 प्रतिशत होगी, जिसमें उपकर और अन्य शुल्क शामिल होंगे। जबकि, परिष्कृत पाम तेल के लिए यह बुधवार से 41.25 प्रतिशत होगा। सीबीआइसी ने कहा, ''यह अधिसूचना 30 जून, 2021 से प्रभावी होगी और 30 सितंबर 2021 तक लागू रहेगी।
पाम तेल पर वर्तमान में मानक सीमा शुल्क (बीसीडी) 15 प्रतिशत है जबकि आरबीडी पाम ऑयल, आरबीडी पामोलिन, आरबीडी पाम स्टीयरिन की अन्य श्रेणियों (क्रूड पाम ऑयल को छोड़कर) पर 45 प्रतिशत शुल्क लगता है। सीबीआईसी ने ट्वीट कर कहा, ''लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने कच्चे पाम तेल पर सीमा शुल्क 35.75 प्रतिशत से घटाकर 30.25 प्रतिशत और रिफाइंड पाम तेल पर 49.5 प्रतिशत से घटाकर 41.25 प्रतिशत कर दिया है। इससे घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में कमी आएगी।

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