Monday, October 26th, 2026

कोविड सेवा की संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को काम से हटाने पर विधायक ने जताई नाराजगी

छतरपुर
छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी पज्जन भैया ने कहा है कि कोरोना की दूसरी खतरनाक लहर के दौरान जब लोग घरों से नहीं निकल रहे थे तब भी अपनी जान को जोखिम में डालने वाले कोरोना योद्धाओं ने कई लोगों की जान बचाई। सरकार अब ऐसे ही कोरोना योद्धाओं को दरकिनार कर रही है। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कोविड सेवा से जुड़ीं संविदा नर्सों, वार्डब्यॉय, सफाईकर्मी एवं अन्य  स्वास्थ्यकर्मियों को काम से निकाले जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर मांग करेेंगे कि इन्हें काम पर रखा जाए। यदि तीसरी लहर आती है तो फिर से इनकी जरूरत पड़ेगी। यदि सरकार ने इनकी मांग नहीं मानी तो इस मुद्दे को वे विधानसभा में भी उठाएंगे।

उल्लेखनीय है कि आज छतरपुर जिला अस्पताल में कार्यरत उक्त स्वास्थ्यकर्मियों ने कोविड 19 स्वास्थ्य सेवा संगठन के बैनर तले  विधायक आलोक चतुर्वेदी से मुलाकात की। इन स्वास्थ्यकर्मियों ने विधायक चतुर्वेदी को एक ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि छतरपुर जिले में कोविड लहर के दौरान नियमित सेवा देने के बावजूद कुल कोविड सेवा स्वास्थ्यकर्मियों में से 89 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशासन ने यथावत रखा है जबकि सिर्फ 34 स्वास्थ्यकर्मियों को बगैर कारण बताए हटा दिया है। जिनको हटाया गया है एवं जिन्हें नियमित रखा गया है इस चयन पर भी कोई मापदण्ड नहीं बताया गया है। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि शासन ने कहा था कि यदि वे 90 दिन तक काम करती हैं तो उन्हें सरकारी नौकरियों में 10 अंकों की वरीयता दी जाएगी लेकिन इसके पहले ही उन्हें हटाया जा रहा है जिससे उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र भी नहीं मिलेगा। इन स्वास्थ्यकर्मियों ने विधायक से मांग की है कि वे इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएं। चतुर्वेदी ने कहा कि कोरोना योद्धाओं के साथ किया जा रहा यह सरकारी मजाक ठीक नहीं है। वे हर स्तर पर उनकी लड़ाई लड़ेंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी अंजनी कुमार राय, अजय सारवान, पूरन सिंह राजपूत, ग्यादीन राठौरिया, संतोष रैकवार, सुमेन्द्र कुशवाहा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

 

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Source : Agency

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