Friday, October 23rd, 2026

आयुष राज्य मंत्री ने आयुष पद्धति अपनाने को भी कहा

 भोपाल

आयुष राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे ने 10 अप्रैल विश्व होम्योपैथी दिवस (हैनीमैन जयंती) पर महान विद्वान, भाषाविद एवं प्रशंसित वैज्ञानिक डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनीमैन का  स्मरण किया। उन्होंने इस अवसर पर नागरिकों को आयुष पद्धति अपनाने को भी कहा है।

कावरे ने कहा है कि होम्योपैथी औषधि प्रभावी एवं रुचिकर है। इनका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता है। इसका सेवन भी आसान है। इन औषधियों का उपयोग अब केवल सर्दी-जुखाम तक ही सीमित नहीं है। इसके अलावा कई असाध्य एवं जटिल रोगों के लिये तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी होम्योपैथी का उपयोग कारगर है। कोरोना महामारी में आयुष विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में आर्सेनिकम एल्बम-30 का वितरण किया जा रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ रोग निरोधी दवा के रूप में आर्सेनिकम एल्बम-30 की एक डोज़ प्रतिदिन खाली पेट 3 दिवस उपयोग की जा सकती है। अनेक जिलों में मलेरिया रोकथाम एवं प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिये औषधि मलेरिया ऑफ-200 का वितरण भी किया जा रहा है।

होम्योपैथी चिकित्सा का ही एक सैद्धांतिक रूप है, जो 'सम: समम् समयति'' या 'समरूपता'' औषधि सिद्धांत पर आधारित है। इस पद्धति में रोगियों का उपचार न केवल होलिस्टिक दृष्टिकोण के माध्यम से किया जाता है, बल्कि रोगी की व्यक्तिवादी विशेषताओं को समझ कर एवं उनकी स्वयं की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर रोग को समूल नष्ट करने के योग्य बनाया जाता है।

 

#आयुष पद्धति

Source : Agency

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