महापौर स्मार्ट बस पास सब्सिडी बंद, निकाय चुनाव में बनेगा मुद्दा
भोपाल
एक तरफ कोरोना ने लोगों की आमदनी की कमर तोड़ रखा है वहीं,दूसरी ओर स्थानीय व राज्य सरकारें भी कोई कसर नहीं छोड़ रहीं हैं। आलम यह है कि जब लोगों को मदद की सबसे ज्यादा जरूरत है ठीक उसी समय उन्हें ठेंगा दिखाया जा रहा है। ठीक ऐसा ही वाकया महापौर स्मार्ट बस पास में देखने को मिल रहा है। इन बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलने वाली विभिन्न प्रकार की सब्सिडी पिछले एक साल से अधिक समय से बंद है। हालांकि विपक्षियों का कहना है कि नगरीय निकाय के चुनाव में इसे चुनावी एजेंडे में शामिल कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएंगे।
शहर में गरीब,जरूरतमंद एवं खासकर मजदूर एवं कॉलेज व स्कूलों छात्रों को राहत देने के लिए नगर निगम द्वारा महापौर बस योजना शुरू की थी। इसके लिए कई श्रेणियां निर्धारित कर सब्सिडी की सुविधा शुरू की गई थी। इसके तहत इसमें छात्र व मजदूरों को 300 रुपए में बस पास मिल रहे थे। वहीं,सीनियर सिटीजंस को 500 रुपए के प्रतिमाह भुगतान पर बस पास मिल रहे थे। इस पास का उपयोग पासधारक बीसीएलएल की किसी भी बस में कर सकता था,लेकिन अब इसमें मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया गया है।
बीएमसी निगमायुक्त केवीएस चौधरी कोलसानी ने बताया कि महापौर स्मार्ट बस पर मिलने वाली सब्सिडी उच्च स्तर से बंद कर दी गई है इसलिए अब निगम स्तर पर इस योजना को बंद कर दिया गया है। जैसे ही हमें उच्च स्तर से निर्देश मिलेंगे फिर से यह स्कीम शुरू की जा सकेगी। दिव्यांगों के लिए यह 50 फीसदी किराए की सर्विस अभी भी जारी है।

पाठको की राय