मलेशिया को भाया शिवपुरी का 'कोल्हू' का मूंगफली तेल
शिवपुरी
मलेशिया के लोगों को परंपरागत तरीके से निकाला गया मूंगफली का तेल इतना पसंद आया कि पहली ही बार में 400 लीटर तेल का आर्डर मिल गया। यह तेल शिवपुरी जिले का आनंद मूंगफली तेल उत्पादक समूह पीपलखेड़ा तैयार कर रहा है। कोल्हू से निकाले गए इस तेल में रत्तीभर भी मिलावट नहीं होने का दावा किया जाता है। तेल को सिर्फ छानकर बोतल में पैक कर दिया जाता है। इस तेल ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की तकदीर बदल दी है।
200 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी करने वाली ये महिलाएं अब रोज तीन सौ रुपये तक कमा रही हैं। शिवपुरी जिले में मूंगफली की खेती होती है। इसलिए महिलाओं ने तेल का कारोबार करने पर जोर दिया। इसके लिए 15 महिलाओं के समूह ने राज्य आजीविका मिशन के सहयोग से आधुनिक कोल्हू (मोटर से चलने वाला) लगवाया, जो 25 आरपीएम (रेवेल्यूएशन पर मिनट) प्रति मिनट घूमता है।
इससे दिनभर में अधिकतम 40 लीटर तेल तैयार किया जाता है। मिशन के शिवपुरी जिला परियोजना प्रबंधक डा. अरविंद भार्गव ने बताया कि तेल को साधारण छलनी से छाना जाता है। इसके अलावा उसे न तो साफ करते हैं और न कुछ मिलाते हैं। यह एकदम शुद्ध है। उन्होंने बताया कि मलेशिया, अमेरिका और दुबई नमूना भेजा था, जिसमें से मलेशिया से 400 लीटर तेल का आर्डर मिल गया है। वहीं अमेरिका और दुबई से बात चल रही है। समूह को तेल ही नहीं, तेल निकालने के दौरान निकलने वाली खली से भी अच्छी कमाई हो जाती है। आसपास के कृषि आहार विक्रेता इसे खरीद लेते हैं।
जानकारी के मुताबिम तेल को विदेशी बाजार में उतारने के लिए समूह ने भोपाल की एक संस्था से समझौता किया है। ये संस्था सालों से देश के उत्पादों का निर्यात कर रही है। इसी संस्था के माध्यम से तेल का नमूना मलेशिया 45 लीटर, अमेरिका 90 लीटर और दुबई 10 लीटर भेजा गया था। इसमें से मलेशिया से आर्डर मिला है। वहां से पांच लीटर के जार में तेल मांगा गया है। मिशन के जिला प्रबंधक कृषि प्रमोद श्रीवास्तव का कहना है कि आर्डर का तेल तैयार हो गया है। पैकिंग चल रही है।

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