बनाएं बॉडी को स्वस्थ और मजबूत: मसल्स गेन और ऊर्जा के लिए बनाएं बनाना और दालचीनी का सही मिश्रण
जिम जाने वाले सारे लोग केला खाते हैं। यह फूड शरीर की ताकत और मसल्स बढ़ाने में मददगार होता है। मगर ठंड में इसे खाने से कफ, खांसी, बदहजमी हो सकती है। लेकिन आयुर्वेद में एक उपाय ऐसा बताया गया है जिससे केले की ताकत दोगुनी हो जाएगी और आपको कोई समस्या भी नहीं होगी।
मेडिकल न्यूट्रिशनिस्ट विपिन राणा के मुताबिक केला और दालचीनी पाउडर को साथ में मिलाना एक ताकतवर आयुर्वेदिक जोड़ी है। केला खाने से पोषण मिलता है और दालचीनी से फ्लेवर के साथ स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। आइए इस आयुर्वेदिक उपाय के फायदे जानते हैं।
पेट के लिए बेहद फायदेमंद है केला खाना
अगर डायबिटीज, एसिडिटी, बर्निंग सेंसेशन या डायरिया है तो केला बड़े काम की चीज है। केला एक अल्कलाइन फ्रूट है, जिसका पीएच लेवल 4.5 से 5.2 होता है। इस वजह से यह कम एसिडिक होता है और पेट के एसिड को हल्का करने में मदद करता है। डायजेस्टिव ट्रैक्ट को हेल्दी रखता है।
केले में मौजूद पोषण
केला अपने न्यूट्रिशनल प्रोफाइल की वजह से अनगिनत फायदे देता है। इसमें हार्ट हेल्थ के लिए पोटैशियम, एनर्जी के लिए विटामिन बी6 और पाचन के लिए डायजेशन होता है। यह इंफ्लामेशन को कम करके मसल्स रिकवरी भी बूस्ट करता है।
आयुर्वेद में दालचीनी के फायदे
एक रिसर्च से यह पता चला कि दालचीनी ब्लड शुगर को मेंटेन रखती है। दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो ब्लड शुगर और इंफ्लामेशन को कम करने में काम आते हैं। इसके एंटी माइक्रोबियल इफेक्ट इंफेक्शन से बचाते हैं।
दालचीनी के साथ केला खाने के फायदे
अगर आप केले के ऊपर दालचीनी डालकर खाएंगे तो आपको केले के बेनिफिट्स मिलेंगे ही लेकिन आपका ब्लड शुगर भी नहीं बढ़ेगा। दोनों मिलाकर खाने से डायजेशन बढ़ता है, ब्लड शुगर रेगुलेट होता है, इम्यूनिटी बढ़ती है। मगर ध्यान दें कि कफ, कोल्ड, एलर्जी या साइनस हो तो केला ना खाएं।

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