6 महीने के शिशु के लिए बनाएं पालक राइस, तेजी से बढ़ेगी हाइट और खून की कमी होगी दूर
6 महीने के होने के बाद शिशु को ठोस आहार खिलाना शुरू किया जाता है। इस समय शिशु के आहार में कई तरह की पौष्टिक चीजों को शामिल किया जाता है ताकि बच्चे का विकास तेजी से हो और वह स्वस्थ रहे।
पालक बहुत पौष्टिक होता है और आप इससे बच्चे के लिए पालक राइस बना सकते हैं। इसमें दाल को मिलाकर इस रेसिपी के पोषण को बढ़ाया जा सकता है। यहां हम आपको 6 महीने से बड़े बच्चे के लिए पालक राइस बनाने की विधि और फायदों के बारे में बता रहे हैं।
पालक राइस बनाने की सामग्री
बच्चे के लिए पालक राइस बनाने के लिए आपको दो चम्मच तूर की दाल, दो चम्मच चावल, 10 से 15 पालक की पत्तियां, एक चम्मच घी, दो चुटकी सरसों के बीज, दो चुटकी जीरा, एक चम्मच प्याज और आधी चम्मच लहसुन (बारीक कटा हुआ), दो चुटकी हल्दी पाउडर, आधा टमाटर, एक चुटकी नमक की जरूरत होगी।
पालक राइस बनाने की विधि
सबसे पहले पालक को अच्छी तरह से धोकर काट लें।
एक कटोरी में चावल और तूर की दाल डालें।
इन दोनों चीजों को एक साथ साफ पानी से धो लें।
अब एक कुकर लें और उसमें धुले हुए चावल और दाल डाल दें।
फिर इसमें पालक डालकर एक गिलास पानी डालकर कुकर का ढक्कन लगा दें।
आगे के स्टेप्स
कुकर को गैस पर रखकर 8 से 10 सीटियां लगाएं।
सीटी लगने के बाद कुकर को खोलें और चावल को मैश कर लें।
अब एक पैन गैस पर रखें और उसमें घी डालें।
फिर सरसों के बीज, जीरा, प्याज, लहसुन और हल्दी डालनी है।
सभी चीजों को अच्छी तरह से भून लें।
अब क्या करें
इसके बाद टमाटर डालें और उसे अच्छी तरह से पका लें।
अब इसमें पके हुए पालक के चावल डाल दें।
जरूरत पड़े तो इसमें थोड़ा पानी डालकर खिचड़ी जैसा गाढ़ा कर लें।
इसके बाद आखिर में नमक डालकर चावलों को चला लें।
अब गैस बंद कर के बच्चे को हल्के गर्म पालक राइस सर्व करें।
पालक राइस के फायदे
पालक आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम से भरपूर होता है। हीमोग्लोबिन बढ़ाने में पालक मदद करता है जिससे बच्चे के शरीर में खून की कमी नहीं होती है। पालक बच्चे के दिमाग के विकास के लिए भी अच्छा होता है।
पालक विटामिन ए, सी और के से युक्त होता है। इससे इम्यूनिटी मजबूत रहती है और पालक मांसपेशियों और हड्डियों के लिए भी अच्छा होता है।
शिशु के लिए दाल के फायदे
दाल में फोलिक एसिड होता है जो बच्चे के विकास में मदद करता है। शिशु के आहार में दाल को शामिल कर बच्चे की इम्यूनिटी को मजबूत भी किया जा सकता है। तूर दाल में जिंक प्रचुर मात्रा में होता है जिससे बच्चे की इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग बनती है।
दाल में आयरन भी होता है जिससे बच्चे को एनीमिया का खतरा नहीं रहता है। इसके अलावा दाल में और भी कई पोषक तत्व होते हैं जो बच्चे के विकास में मदद करते हैं और उसे स्वस्थ रखते हैं।

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