पटना में ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव, नई सरकार के साथ प्रशासन अलर्ट मोड में
पटना
बिहार में बहुत जल्द ब्यूरोक्रेसी का मूड-मिजाज और चेहरा बदल जाएगा। नेतृत्व बदलते ही ब्यूरोक्रेसी का मन बदलने लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सचिवालय में पदभार संभालने के साथ ही विभागों के प्रमुख अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए। अधिकारी नई सरकार के संकेतों पर नजर टिकाए बैठे हैं। साथ ही विभागीय प्रस्तुतीकरण को लेकर रोडमैप तैयार करने में जुट गए हैं। खास कर सरदार पटेल भवन में, जहां सम्राट करीब पांच महीने उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री बन कर रहे। यहां पर गृह विभाग से लेकर पुलिस मुख्यालय के प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती दिख रही।
बिहार में बदल जाएगी ब्यूरोक्रेसी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सचिवालय में पदभार संभालने के साथ ही विभागों के अधिकारी अलर्ट मोड में हैं। पुलिस मुख्यालय में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती रहीं कई जिलों में प्रशासन का प्रमुख चेहरा बदलने की भी पूरी संभावना है। प्रशासनिक महकमे में भी फेरबदल के आसार हैं। राज्य में नई सरकार बनते ही ब्यूरोक्रेसी के प्रमुख चेहरों के बदलने की चर्चाएं भी शुरू हुई हैं। लंबे समय तक सरकार का चेहरा बने कई अधिकारी केंद्र सरकार में इम्पैनल हो चुके हैं। कई कतार में हैं। ऐसे में उनके विरमित होने पर नए अधिकारियों की तैनाती होगी। नए नेतृत्व की एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री सचिवालय सहित प्रमुख विभागों में नए चेहरे दिख सकते हैं। कई जिलों में प्रशासन का प्रमुख चेहरा बदलने की भी पूरी संभावना है।
अपराधियों पर सख्ती रहगी जारी
सम्राट चौधरी ने चुनावी भाषण से लेकर बतौर उपमुख्यमंत्री कई बार अपराधियों को बिहार छोड़ देने की चेतावनी दी थी। ऐसे में अब उनके मुख्यमंत्री बनने पर पुलिस अधिकारी महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ने मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रीय उत्साहित हैं कि अपराधियों पर कड़े प्रहार जारी रखे जाएंगे। महिला सुरक्षा भी सरकार का फोकस रहेगा।
सम्राट चौधरी ने ही अपराध और विशेष महिला पुलिस दस्ता 'अभया बिग्रेड' बनाने की घोषणा की थी। बुधवार की साप्ताहिक बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने मुख्यालय सहित क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों को नए सिरे से सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया और सख्ती से अनुपालन के निर्देश दिए।
गृह विभाग से लेकर पुलिस मुख्यालय के प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती दिख रही।
चौक-चौराहों पर सम्राट-नीतीश में तुलना
सचिवालय के गलियारों से लेकर चौक-चौराहों पर नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी खूब तुलना हो रही है। युवा मुख्यमंत्री से लोगों को उम्मीदें तो हैं, मगर कुछ चिंताएं भी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सम्राट चौधरी के पास सरकार का लंबा अनुभव है, ऐसे में उनको ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
जबकि, कुछ लोगों को भरोसा है कि उनको केंद्र सरकार का भी सहयोग मिलेगा। नीतीश सरकार की तरह सांप्रदायिक शक्तियों और भ्रष्टाचारियों पर कड़ी चोट जारी रहनी चाहिए। थानों और अंचल कार्यालयों की कार्य संस्कृति में सुधार लाना चाहिए। शराब पर लगे प्रतिबंध को लेकर भी अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय दिखी। कुछ दिन में नई सरकार के परफॉर्मेंस का भी आकलन होने लगेगा।

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