Monday, June 1st, 2026

2680 से ज्यादा अवैध बांग्लादेशियों पर बड़ा एक्शन! भारत ने तैयार किया डिपोर्टेशन प्लान

नई दिल्ली
 भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर अब सरकार एक्शन लेने जा रही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कर दिया है कि भारत में अवैध रूप से रहने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी. बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में भारत सरकार ने 2680 से अधिक लोगों की लिस्ट बांग्लादेश को भेजी है. इन लोगों की नागरिकता का वेरिफिकेशन होने के बाद इन्हें तुरंत डिपोर्ट किया जाएगा. इनमें से कई मामले पिछले पांच साल से लंबित हैं. भारत ने बांग्लादेश से जल्द जवाब देने की उम्मीद जताई है ताकि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत इन अवैध नागरिकों को वापस भेजा जा सके. विदेश मंत्रालय की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन सीमा, यूक्रेन संकट और अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों पर भी अपडेट दिया गया। 

1. अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर भारत सरकार क्या बड़ा एक्शन लेने जा रही है?

विदेश मंत्रालय के अनुसार कानून के दायरे में रहकर सभी अवैध प्रवासियों से निपटा जाएगा. भारत ने 2,680 से अधिक ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान की है जो बांग्लादेशी हो सकते हैं. इन सभी के नाम और दस्तावेज बांग्लादेश सरकार के पास वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए हैं. वहां से हरी झंडी मिलते ही इन सभी को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. पिछले पांच सालों से यह वेरिफिकेशन रुका हुआ है. भारत ने अब इस मामले को तेजी से निपटाने के लिए बांग्लादेश पर दबाव बनाया है। 

2. चीन सीमा विवाद सुलझाने के लिए बीजिंग में क्या बातचीत हुई है?

भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए वर्किंग मैकेनिज्म (WMCC) की 35वीं बैठक बीजिंग में आयोजित हुई. इस बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी ने किया. बैठक में दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन, डेलिमिटेशन और सीमा सहयोग बढ़ाने पर बेहद गंभीर चर्चा हुई. भारत ने सीमा पार की नदियों के मुद्दे पर जल्द ही विशेषज्ञ स्तर की बैठक बुलाने की मांग की है. इस बातचीत को विदेश मंत्रालय ने रचनात्मक और आगे की सोच वाला बताया है. चीन में जल्द ही स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (SR) स्तर की अगले दौर की बातचीत होगी, जिसके लिए दोनों पक्ष मिलकर तैयारी कर रहे हैं। 

3. अमेरिका में भारतीयों के साथ हो रहे नस्लवाद पर भारत ने क्या चेतावनी दी?

अमेरिका में भारतीय नागरिकों के साथ हाल ही में हुई नस्लवाद की घटनाओं पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी तरह का नस्लवाद या भेदभाव पूरी तरह से अस्वीकार्य है. इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए बातचीत तेज हो गई है. अप्रैल के महीने में अमेरिकी ट्रेड टीम भारत आई थी. अब अगले हफ्ते फिर से अमेरिका की एक बड़ी टीम भारत आ रही है. दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए यह बातचीत बेहद सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। 

4. यूक्रेन संकट और नेपाल दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या नया अपडेट दिया?

साइप्रस में आयोजित अनौपचारिक यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों के फोरम (Gymnich) से इतर भारत और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों के बीच एक अहम मुलाकात हुई. भारतीय विदेश मंत्री ने साइप्रस के विदेश मंत्री और यूरोपीय संघ की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा क्लास के निमंत्रण पर इस बैठक में हिस्सा लिया था. इस दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत को वहां के मौजूदा हालातों और चल रहे घटनाक्रमों के बारे में पूरी जानकारी दी. इसके अलावा नेपाल के साथ रिश्तों पर बोलते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय विदेश सचिव को नेपाल से आमंत्रण मिला है. दोनों देशों की सहमति से जल्द ही इस दौरे की तारीख तय की जाएगी। 

5. एनर्जी सिक्योरिटी और नॉर्वेजियन गैस की सप्लाई पर भारत का क्या स्टैंड है?

भारत अपनी एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहता है. उर्वरक उत्पादन के लिए नॉर्वे से आने वाली गैस की पहली खेप के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने देश की नीति को स्पष्ट किया. भारत इस समय दुनिया के अलग-अलग बाजारों से अपने ऊर्जा स्रोतों को डायवर्सिफाई करने की कोशिश कर रहा है. दुनिया के किसी भी बाजार से मिलने वाले इस तरह के सहयोग का भारत स्वागत करता है. हालांकि अगली खेप कब आ रही है, इसकी सटीक जानकारी जहाजरानी मंत्रालय के पास उपलब्ध है. भारत अपनी बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए नए देशों से हाथ मिला रहा है। 

 

#Bangladeshi

Source : Agency

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