मध्यप्रदेश सरकार अब राशन की दुकानों पर गेहूं की जगह देगी फोर्टिफाईड आटा
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार अब अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सुविधाओं में और इजाफा करने जा रही है। पीडीएस के राशन में एक रुपए किलो गेहूं दे रही सरकार अब राशन उपभोक्ताओं को गेहूं की जगह पौष्टिक फोर्टिफाईड आटा देने की तैयारी में है। इसके लिए ईओआई भी जारी कर दिया गया है और इसमें चालीस कंपनियों ने रुचि दिखाई है। खाद्य विभाग इस योजना को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर भोपाल, इंदौर सहित आठ जिलों में लागू करेगी। यह आटा साधारण नहीं होगा बल्कि फोर्टिफाईड आटा होगा। इसमें विटामिन्स, मिनरल्स और पोषण बढ़ाने वाली सामग्री होगी। इसके लिए खाद्य विभाग ने निजी फ्लोर मिल वालों से आवेदन बुलाए थे। आईओआई में चालीस फ्लोर मिलों ने रुचि दिखाई है। ये फ्लोर मिल्स दस किलो से 25 किलो तक के बैग तैयार कर उसमें फोर्टिफाइड आटा राशन की दुकानों तक पहुंचाकर देंगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रत्येक हितग्राही को न्यूनतम पांच से आठ किलो तक आटा वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना में इस योजना का प्रचार प्रसार किया जाएगा। धीरे-धीरे इस योजना को सभी आदिवासी विकासखंडों में लागू किया जाएगा।
तीन राज्यों का अध्ययन कर लागू हो रही योजना
सरकार ने प्रदेश में फोर्टिफाईड आटा वितरण योजना शुरु करने के लिए केरल, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल की योजनाओं का अध्ययन कराया था। उसके बाद अफसरों ने एक रिपोर्ट खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय को सौपी गई थी। उसके आधार पर यह योजना मध्यप्रदेश में लागू की जा रही है।

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