Thursday, October 22nd, 2026

लखनऊ: बढ़ते कोरोना केस और शवों से पटा श्मशान, हेल्थ सिस्टम धड़ाम

लखनऊ
लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों के बीच यूपी की राजधानी लखनऊ में हेल्थ सिस्टम धड़ाम हो गया है। अस्पताल में बेड की किल्लत है, समय पर ऐंबुलेंस नहीं है, जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिल रही है और श्मशान में लगातार जलती चिताएं की तस्वीरें सामने आ रही हैं। सीएम से लेकर पूर्व सीएम तक कोरोना पॉजिटिव हैं। आलम यह है कि लखनऊ के कोविड शवदाहगृहों में रात 9 बजे तक अंतिम संस्कार होता रहा। इस बीच ट्विटर पर लखनऊ ट्रेंड कर रहा है। लखनऊ के भैंसाकुंड श्मशान घाट पर बुधवार को शाम को कई चिताएं एक साथ जलती हुई दिखीं जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।सुबह से इस वीडियो को कई लोग री-ट्वीट कर चुके हैं। इसी के साथ सवाल उठे कि क्या सरकारी आंकड़ों में कोरोना से होने वाली मौतों को कम बताया जा रहा है। इस बीच लखनऊ नगर निगम की ओर से भैंसाकुंड की बाउंड्री वॉल को कवर कर दिया गया है।

त्रासदी छुपाने के बजाय ठोस कदम उठाए सरकार: प्रियंका
लखनऊ की बदहाल व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर लोग काफी कुछ लिख रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बाउंड्री कवर किए जाने का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'उप्र की सरकार से एक निवेदन है: अपना समय, संसाधन और ऊर्जा इस त्रासदी को छुपाने, दबाने में लगाना व्यर्थ है। महामारी को रोकने, लोगों की जान बचाने, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाइए। यही वक्त की पुकार है।' श्मशान घाट का वीडियो शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा है, श्मशान का ऐसा वीडियो देखने के बाद क्या कोई कह सकता है कि वह सुरक्षित है। एक अन्य यूजर ने श्मशान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, 'जो लोग अभी भी वायरस को हल्के में ले रहे हैं, वह लखनऊ भैंसाकुंड के हालात देखें। कृपया सुरक्षित रहिए और मास्क जरूर लगाइए।' एक यूजर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, मास्क लगाइए, आप लखनऊ में हैं। इस बीच लखनऊ जंक्शन का एक वीडियो वायरल हो रह है जहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए मुंबई से लौटने वाले यात्रियों की लंबी कतार लगी है। इनमें प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं जो पुष्पक एक्सप्रेस से लौटे हैं।

188 अतिरिक्त बेड आए, चंद घंटों में ही फुल
लखनऊ में भारी किल्लत देखते हुए बुधवार को शहर के कोविड अस्पतालों में 188 अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए गए जो चंद घंटों में फुल हो गए। जिला प्रशासन ने क्रिटिकल मरीजों के लिए 93 आईसीयू/वेंटिलेटर और 132 हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) उपलब्ध कराए थे। इसी के साथ लखनऊ में 31 कोविड अस्पताल की क्षमता बढ़ाई गई है और क्रिटिकल केयर के लिए कुछ बेडों को आइसोलेशन बेड में तब्दील किया गया है। बुधवार साढ़े चार बजे तक हॉस्पिटल स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ में कुल 3,971 कोविड बेड में से 1,774 आइसोलेशन, 1,384 एचडीयू और 813 आईसीयू हैं।

लखनऊ में बुधवार को 5,433 नए केस
शहर में एक बार फिर रेकॉर्ड मरीज संक्रमित हुए हैं। बुधवार को शहर में 5,433 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई और सक्रिय मरीजों की संख्या 31,687 हो गई। वहीं, यूपी में भी रेकॉर्ड 20,510 नए केस मिले। इसी के साथ यूपी में सक्रिय मरीजों की संख्या एक लाख पार करते हुए 1,11,835 हो गई। लखनऊ में संक्रमण से 14 ने दम तोड़ा, जबकि 1118 मरीजों ने कोरोना को मात दी। प्रदेश में 4,517 मरीज ठीक हुए। कोरोना के बढ़ते केस के मद्देनजर तमाम व्यापार मंडलों ने बंदी की घोषणा कर दी है। पांडेयगंज, नाका हिंडोला, चौक सराफा समेत कई बाजार गुरुवार से शनिवार तक बंद रहेंगे। वहीं, बीजेपी सांसद कौशल किशोर के बाद अब बीकेटी से पार्टी विधायक अश्विनी त्रिवेदी ने भी पंचायत चुनाव स्थगित करने का सुझाव दिया है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजे पत्र में उन्होंने चुनाव स्थगित करने की गुहार लगाई है।

आंकड़ों में मौतें कम तो श्मशान क्यों चिताओं से भरे हुए?
यूपी में कोरोना से मरने वालों की संख्या को लेकर फिर से विवाद शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों में कोविड से लखनऊ में 14 समेत पूरे प्रदेश में 68 मौतों का दावा किया गया है। वहीं, अकेले लखनऊ के कोविड शवदाहगृहों में बुधवार रात नौ बजे तक 98 कोविड शवों का अंतिम संस्कार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक नौ बजे के बाद भी कुछ शव बाहर शव वाहनों में पड़े हुए थे, जिनका दाह किया जाना बाकी था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब पूरे प्रदेश में कोविड से महज 68 मौतें हुईं तो अकेले लखनऊ में ही कोविड से मरे 98 शवों का अंतिम संस्कार कैसे हो गया?

 

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Source : Agency

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