लखनऊ सिविल कोर्ट हमला: आरोपी वकीलों की तलाश तेज, 10 पुलिस टीमें कर रहीं छापेमारी
लखनऊ
सिविल कोर्ट परिसर में पैरवी के लिए गए भाइयों पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी अधिवक्ताओं की तलाश में पुलिस की 10 टीमें दबिश दे रही हैं। मंगलवार को मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस कमिश्नरेट भी एक्शन में है। आरोपियों की तलाश में लखनऊ के साथ ही पड़ोसी जनपदों में दबिश दे रही है। हाईकोर्ट ने 24 अगस्त तक जिले की किसी भी अदालत में आरोपी वकीलों के प्रवेश पर लगाई गई रोक लगाई है। अधिवक्ता सौरभ वर्मा और उनके साथी हर्षित पांडेय, यश पांडेय, अभय प्रताप वर्मा और 40-50 अज्ञात के खिलाफ थाने में जानलेवा हमले के दो मुकदमे दर्ज हैं।
मुकदमा तालाब गगनी शुक्ल निवासी शाकिर ने वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शाकिर ने आरोप लगाया था कि 21 जुलाई को वह भाइयों के साथ मुकदमे की पैरवी में कोर्ट गया था। वहां सौरभ, यश, हर्षित और अभय समेत 40-50 लोगों ने उन्हें घेर लिया। जमकर पीटा। एसोसिएशन के दफ्तर में खींच ले गए। गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई। शाकिर ने आरोप लगाया था सौरभ और उसके साथी पूर्व में भी उनपर और भाइयों पर हमला कर चुके थे। घटना का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला ने मंगलवार को पूरे मामले में सख्त रुख अपनाया था। 24 अगस्त तक जिले की किसी भी अदालत में आरोपी वकीलों के प्रवेश पर लगाई गई रोक लगाई थी। कोर्ट ने इन वकीलों के खिलाफ आईबी की गोपनीय जांच, 10 वर्ष के आयकर रिटर्न समेत संपत्ति का खुलासा करने और पीड़ित भाइयों को सुरक्षा देने के आदेश दिए थे।
कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस कमिश्नरेट से मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में 10 टीमें गठित की गई थी। इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी के मुताबिक टीमें लखनऊ के संभावित ठिकानों के साथ ही पड़ोसी जनपद सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और बाराबंकी में दबिश दे रही हैं।
सौरभ वर्मा ने किया था समर्पण, तीन अभी भी फरार
मामले में आरोपी अधिवक्ता सौरभ वर्मा ने शनिवार को कोर्ट में समर्पण किया था। वह सफेद शर्ट और काली पैंट खुद पहने था। इसके अलावा अधिवक्ता वेश वाले लोगों के घेरे में कोर्ट पहुंचा था। मामले में आरोपी हर्षित पांडेय, यश पांडेय, अभय प्रताप वर्मा अभी भी फरार हैं। वहीं, 40-50 अज्ञात हमलावरों को वजीरगंज चिंह्नित करने का प्रयास कर रही है।
उल्टा पीड़ित को फंसाने की कोशिश
पीड़ित शाकिर के मुताबिक कोर्ट परिसर में हमले के दौरान अधिवक्ता सौरभ और उसके साथियों ने हाथ में असलहा रखकर फंसाने की कोशिश की थी। वह असलहा बरामद कराकर उल्टा मुकदमे दर्ज कराना चाहते थे।
सौरभ के खिलाफ दर्ज हैं आठ मुकदमे
इंस्पेक्टर वजीरगंज के मुताबिक सौरभ के खिलाफ चोरी, जालसाजी, दंगा, मारपीट समेत आठ अपराधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज है। सौरभ और उसके साथियों के खिलाफ जमीनों पर कब्जा करने का आरोप है। इससे संबंधित उसके कई वीडियो भी वायरल हो चुके हैं।
अधिवक्ता के वेश में कोई हमला करे तो करें शिकायत
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने अपील की है कि अधिवक्ताओं के वेश में जमीन, मकान और प्लाट पर कब्जा मारपीट करने वालों के खिलाफ उनके कार्यालय में विशेष प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराएं। डालीगंज स्थित उनके दफ्तर में विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया है। विशेष प्रकोष्ठ कार्यालय का प्रभारी दरोगा रामेश्वर तिवारी को बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति कार्यालय जाकर अथवा इस नंबर पर 9454634500 शिकायत दर्ज करा सकता है।

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