धर्मस्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर का यहां होगा उपयोग, लखनऊ डीएम का जानें आदेश
लखनऊ
धर्मस्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर अब स्कूलों को सौंपे जा रहे हैं। शहर के 128 स्कूलों को उतारे गए लाउडस्पीकर मिल चुके हैं। लखनऊ में पांच हजार के करीब 1640 सरकारी स्कूल हैं। निजी और सहायता प्राप्त मिलाकर कुल पांच हजार के करीब स्कूल हैं।
अब इन स्कूलों में धर्मस्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर सुबह की प्रार्थना में काम आएंगे। इसके अलावा स्कूलों में होने वाली खेल प्रतियोगिता और जागरूकता कार्यक्रमों में इनका उपयोग हो सकेगा। डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि जैसे-जैसे लाउडस्पीकर उतरते जाएंगे, आवश्कता और प्राथमिकता के आधार पर स्कूलों को दिया जाएगा। गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के अनुसार निजी स्कूलों में तो लगभग सभी जगह लाउडस्पीकर हैं। दिक्कत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के साथ है। यदि उनको लाउडस्पीकर और उससे संबंधित उपकरण जैसे एम्प्लीफायर आदि मिल जाएं तो बहुत सारी गतिविधियों में काम आएंगे। जैसे एक स्थान से पूरे स्कूल में संदेश का प्रसारण, छोटी कक्षाओं के लिए किसी विषय पर प्रस्तुतिकरण।
स्कूल की तरक्की के लिए अपनी वेतन से खरीदा
गोसाईंगंज पूर्व माध्यमिक विद्यालय महमूदपुर की इंचार्ज अध्यापिका नीता यादव ने बताया कि लाउडस्पीकर एक बड़ी जरूरत है। एक समय जब स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई तो महसूस हुआ कि उनकी आवाज सभी तक यानी पीछे की पंक्तियों में नहीं पहुंच रहीं। तब उन्होंने अपने वेतन से विद्यालय के लिए लाउडस्पीकर और बैटरी खरीदी थी। प्रतियोगिताओं, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे आयोजन पर अक्सर अध्यापक किराए का लाउडस्पीकर मंगवाते हैं।

पाठको की राय