Friday, October 23rd, 2026

जैन संवेदना ट्रस्ट का प्रधानमंत्री को पत्र - राष्ट्रीय वृद्धजन संरक्षण आयोग के गठन की मांग

रायपुर
वर्तमान सामाजिक व सरकारी परिवेश में वृद्धजन तिरस्कृत महसूस कर रहे हैं। बहुतायत परिवार में वृद्धजनों को बोझ समझा जाता है। वृद्धजनों का जीवन बीमा , मेड़ी क्लेम नही होता है। रेलवे कन्सेशन सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध नही हैं। आज अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जैन संवेदना ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धजन संरक्षण आयोग के गठन की मांग की है। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि क्या भारत में वृद्धजन होना गुनाह है ? भारत में 70 वर्ष की आयु के बाद नागरिक चिकित्सा बीमा के लिए पात्र नहीं हैं, उन्हें ई एमआई पर ऋण नहीं मिलता है। ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिया जाता है। उन्हें कोई नौकरी नहीं दी जाती है। इसलिए वे दूसरों पर निर्भर रहते हैं।

 

Source : Agency

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