भोपाल की अदालत में बैठने के लिए परेशान हैं वकील
अमिताभ पाण्डेय
भोपाल । ( अपनी खबर)
जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल में विभिन्न मुकदमों के दौरान पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भोपाल जिला बार एसोसिएशन के अनुसार इस वर्ष पंजीकृत अधिवक्ताओं की कुल संख्या 7 हजार 200 हो गई है। इतनी संख्या में वकीलों के लिए सुव्यवस्थित रूप से बैठने का इंतजाम जिला अदालत परिसर में नहीं हो पाया है । वकील कोर्ट परिसर के गलियारों, हाल , बरामदे में, दीवार के किनारे अपनी टेबल कुर्सी लगाकर बैठेते हैं । बैठने की यह व्यवस्था सभी वकीलों को अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है।
इसके कारण अदालत परिसर में बैठने की कोशिश करते हुए अनेक वकील जहां जगह मिले, वही बैठने की कोशिश करते हैं। कई वकील तो बैठने के लिए जबरन कब्जा भी जमाने लगते हैं । ऐसी स्थिति में वकीलों के बीच कई बार तीखी बहस , अभद्र व्यवहार होने की घटनाएं हो चुकी हैं । जिला बार एसोसिएशन में पंजीकृत 3 अधिवक्ताओं के बीच बैठने की जगह को लेकर कुछ महीनों पहले जो विवाद हुआ वह अब तक भी पूरी तरह नहीं सुलझ पाया है।
यहां बताना जरूरी होगा कि दो वरिष्ठ अधिवक्ता कुमारी क्रांति जोहरी और श्रीमती रेखा जैन ने आरोप लगाया था कि अदालत परिसर में उन्हें आवंटित जगह पर अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह चौहान ने जबरन कब्जा कर लिया है। महिला अधिवक्ताओं ने श्री चौहान पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। अदालत परिसर में बैठने की जगह को लेकर वकीलों के बीच होने वाला यह पहला वाद विवाद नहीं है ।
ऐसी पहले भी अनेक घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन अब तक वकीलों को सम्मानजनक तरीके से बैठक व्यवस्था अदालत के परिसर में नहीं मिल पाई है । जिला अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश तिवारी और शिबू दास का कहना है कि वकीलों के बैठने के लिए इस प्रकार इंतजाम होना चाहिए जिससे आने जाने वाले लोगों की राह में कोई बाधा उत्पन्न ना हो।
अदालत परिसर में सभी वकील सुविधाजनक तरीके से अपना काम कर सकें । वकीलों की बैठक व्यवस्था को अदालत परिसर में बेहतर बनाने के लिए अब उच्च न्यायालय के अधिवक्ता डॉ सिद्धार्थ गुप्ता ने आवाज उठाई है । डॉ गुप्ता ने इस संबंध में भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश श्रीमती गिरिबाला सिंह को एक पत्र भी लिखा है ।
इस पत्र में अधिवक्ताओं के लिए अदालत परिसर में सम्मानजनक तरीके से बैठक व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया गया है। उल्लेखनीय है कि अदालत परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिवक्ता डा. सिद्धार्थ गुप्ता लगातार प्रयास करते रहते हैं । उनके प्रयास से अच्छे परिणाम भी मिले हैं।

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