Sunday, October 25th, 2026

पिछले साल 38 और इस बार 65 करोड़ से पूरी होगी गड्ढे भरने की रस्म


भोपाल
राजधानी की सड़कों पर पैचवर्क के नाम पर रस्मदायगी चल रही है। 65 करोड़ की लागत से भरे जा रहे गड्ढों में कच्ची गिट्टी और डामर की मात्रा कम है। ऐसे में क्वालिटी वाले काम की कैसे उम्मीद की जाए। जबकि इस बार मरम्मत और पेंचवर्क के नाम पर बजट जस्ट डबल है। पिछले साल करीब 38 करोड़ की लागत से यह काम हुआ था। इस बार तो सरकारी एजेंसियों के इंजीनियरों ने गजब ही कर दिया। पिछले साल के मुकाबले 27 करोड़ रुपए अधिक राशि खर्च की जा रही है। यह देख कर कहना गलत नहीं होगा कि शहर की सभी सड़कें चकाचक हो जाएंगी, लेकिन यह तो आने वाले समय ही बताएगा कि कितनी सड़कों की बदहाली दूर होती है।  

पेंचवर्क के काम की खोल रही पोल, निकल रही रेत
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर हाल ही में हुए पेंचवर्क के काम ने सबके सामने पोल खोल कर रख दी। सड़क के गड्ढों को भरने के लिए गिट्टी और सीमेंट का घोल डाला गया, जो दूसरे ही दिन उखड़कर निकल गया।
भारत टॉकीज रोड पर गड्ढों को भरने के लिए डाली गई जीरा गिट्टी दूसरे ही दिन बारिश के पानी में बह गई। इसके बाद यहां दोबार सीमेंट डालकर क्रांकीट करने का काम किया गया। वह भी ठीक नहीं पाया।
कोलार सर्वधर्म सी सेक्टर में 15 दिन पहले बनी सड़क फिर उखड़ने लगी है। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंदाकिनी कॉलोनी गेट के सामने 4 माह पहले बनी डामर सड़क कई जगह से धंस गई है।

 

Source : Agency

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