Tuesday, October 20th, 2026

जाने न्युमोनिआ क्या है और कैसे इससे बचे

निमोनिया आमतौर पर बैक्टीरिया या वायरस के कारण होने वाला एक श्वसन संक्रमण है, जिसने 2019 में 672000 बच्चों सहित 2.5 मिलियन लोगों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। पिछले कुछ दिनों में कोविड निमोनिया के मामलों में बहुत तेजी आई है। आगे भी निमोनिया से होने वाली कुल मौतों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है।

आंकड़े बताते हैं कि भारत का 23 प्रतिशत हिस्सा निमोनिया से ग्रसित है और इससे मरने वालों की संख्या 14-30 प्रतिशत के बीच है। कुल मिलाकर निमोनिया दुनियाभर में बढ़ती मृत्युदर का प्रमख कारण बना हुआ है। तो आइए वर्ल्ड निमोनिया डे पर जानते हैं क्या है निमोनिया, इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में।

​निमोनिया क्या है

किसी भी संक्रमण के कारण फेफड़े में सूजन आ जाती है, जिसे निमोनिया कहते हैं। हालांकि ज्यादातर निमोनिया बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से होता है, इंफ्लूएंजा या कोविड-19 वायरस जैसे वायरल संक्रमण भी फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। कोरोना महामारी इसका जीता- जागता सबूत है। बता दें कि निमोनिया खासतौर से वयस्कों और बच्चों के लिए जानलेवा ह

​निमोनिया के कारण

भारत में निमोनिया एक प्रमुख समस्या बना हुआ है। बैक्टीरिया, वायरस और कई तरह के सूक्ष्मजीव निमोनिया का कारण बन सकते हैं। यह खासतौर से कम सामाजिक आर्थिक स्थिति और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर अटैक करता है। यह देखा गया है कि धूम्रपान करने वालों या शराब का सेवन करने वालों में निमोनिया की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

अन्य कारक जो निमोनिया का कारण बन सकते हैं

    बच्चों में पोषक तत्वों की कमी।
    घर या वर्कप्लेस पर वेंटिलेशन की कमी
    जो लोग ऑर्गन ट्रांसप्लांट या ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के लिए स्टेरॉयड या अन्य इम्यूनोस्प्रेसेन्ट दवाओं पर हैं।
    कई बार अनियंत्रित मधुमेह वाले लोगों को भी निमोनिया होने का खतरा होता है।

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​निमोनिया के लक्षण

    निमोनिया के अधिकांश रोगियों को आमतौर पर ठंड लगना और तेजी से बुखार आने का अनुभव होता है।
    उन्हें पीले या हरे रंग के थूक के साथ खांसी होती है।
    सांस फूल सकती है।
    इसके अलावा कुछ रोगियों को सीने में दर्द, खून की खांसी या भूख न लगने का भी अहसास हो सकता है।

​निमोनिया का निदान

निमोनिया के ज्यादातर मामलों का निदान एक साधारण चेस्ट एक्स रे और सामान्य रक्त प्रणाली से किया जाता है। लेकिन निमोनिया की जटिलताओं के निदान के लिए छाती के सीटी स्कैन की जरूरत भी पड़ सकती है। इस बीमारी के कारण की पहचान करने के लिए आमतौर पर थूक का टेस्ट कराने की आदेश दिया जाता है।

निमोनिया का इलाज

डॉक्टर निमोनिया के इलाज के लिए एक दवा लिख सकता है। ओरल एंटीबायोटिक्स से बैक्टीरियल निमोनिया के ज्यादातर मामलों का इलाज संभव है। हमेशा एंटीबायोटिक्स का पूरा कोर्स लें, भले ही आप बेहतर महसूस करने लगे हों। कुछ मामलों में डॉक्टर एंटीवायरल लिख सकता है। हालांकि, वायरल निमोनिया के कई मामले घर पर देखभाल से अपने आप ठीक हो जाते हैं। एंटीफंगल दवाओं का उपयोग फंगल निमोनिया के इलाज के लिए किया जाता है। संक्रमण को दूर करने के लिए आपको कई हफ्तों तक यह दवा लेनी पड़ती है।

​निमोनिया से बचाव कैसे करें

    धूम्रपान छोड़ने का प्रयास करें।
    अपने हाथों को कम से कम 20 सैकंड तक साबुन और पानी से धोएं।
    खांसी या छींक आने पर मुंह को हाथ या रूमाल से ढंकें।
    स्वस्थ जीवनशैली को बनाए रखने के लिए पर्याप्त आराम करें, संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें।

निमोनिया की रोकथाम करने का एक प्रभावी तरीका है समय पर टीकाकरण कराना। इंफ्लूएंजा और न्यूमोकोक ल जैसे कई वयस्क टीके निमोनिया की गंभीरता को कम करने में सफल साबित हुए हैं। इसके अलावा डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने से निमोनिया होने की संभावना को कम किया जा सकता है।

 

Source : Agency

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