Tuesday, October 20th, 2026

Jharkhand: राष्ट्रपति शासन के कयास पर झारखंड के राज्यपाल राधाकृष्णन का अहम जवाब; कहा- कोई भी कानून से ऊपर नहीं

रांची.

जमीन घोटाला मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। प्रदेश में कथित तौर पर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। राष्ट्रपति शासन की कयासबाजी पर प्रदेश के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि राजभवन पूरे हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।

राज्यपाल के मुताबिक अभी राष्ट्रपति शासन लगाने की संभावनाओं पर बात करना जल्दबाजी है। राज्यपाल ने साफ किया कि जब भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी की तरफ से समन भेजा जाएगा, वह पूछताछ में सहयोग करेंगे। उन्हें इस बात पर पूरा भरोसा है। गौरतलब है कि झारखंड में सत्तारूढ़- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन 27 जनवरी की रात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली रवाना हुए। सोमवार को सीएम के तमाम सरकारी काम रद्द कर दिए जाने के बाद कयासों का दौर शुरू हो गया। राज्यपाल के मुताबिक वे प्रदेश में संविधान के संरक्षक की भूमिका में है। हालात पर उनकी करीबी नजर है। यही राज्यपाल का काम भी है।

राष्ट्रपति शासन पर क्या बोले गवर्नर
क्या राजभवन के सामने सभी विकल्प खुले हैं? मौजूदा राजनीतिक हालात में राष्ट्रपति शासन की संभावनाओं पर गवर्नर सीपी राधाकृष्णन ने कहा, फिलहाल, राष्ट्रपति शासन की संभावनाएं कोरी कल्पनाएं हैं। इसकी संभावनाओं को खारिज करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राजभवन का अपना अधिकारक्षेत्र है। राजनीतिक दलों को ऐसे फैसलों पर लगने वाली अटकलों का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ और समन पर पेश नहीं होने की घटना पर राज्यपाल ने कहा, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने नसीहत भरे अंदाज में कहा, ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए कि व्यक्ति देश के कानून से बड़ा बन जाए। राज्यपाल ने साफ किया कि भले ही मुख्यमंत्री समन पर जवाब नहीं दे रहे हैं, लेकिन वे सवालों से भाग नहीं सकते। उन्हें आज नहीं तो कल, केंद्रीय कानून एजेंसी के सवालों का जवाब देना ही पड़ेगा। गवर्नर सीपी राधाकृष्णन ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर भी असंतोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बहुत संतोषजनक नहीं है। इसका संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा, 'यहां अभूतपूर्व स्थिति है। किसी को मुख्यमंत्री के लोकेशन की जानकारी नहीं।' खबर के मुताबिक हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए राजधानी रांची के सीएम आवास, राजभवन और केंद्र सरकार के कार्यालयों सहित प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में सीएम सोरेन के दिल्ली आवास पर पहुंची है। झारखंड के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अविनाश कुमार ने बताया, हमने सुनिश्चित किया है कि कानून व्यवस्था न बिगड़े। भीड़ और अप्रिय घटना की आशंका से बचने के लिए महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के आस-पास निषेधाज्ञा लगाई गई है। दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-144 का इस्तेमाल किया गया है। सरकार मौजूदा स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरत रही है।

 

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Source : Agency

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