बैत बाज़ी मुक़ाबले से शुरू हुआ जश्न ए उर्दू समारोह
भोपाल
'आज़ादी का अमृत महोत्सव' को समर्पित उर्दू अकादमी का तीन दिवसीय 'जश्न ए उर्दू' समारोह का शुभारंभ बैतबाज़ी मुकाबले से हुआ। रवीन्द्र भवन में सुबह 11 बजे से आयोजित कार्यक्रमों में 'तहरीक ए आज़ादी और उर्दू' विषय पर व्याख्यान, सूबाई मुशायरे और देशभक्ति पर आधारित कव्वालियों की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहे। अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने कहा कि भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संवर्द्धन, संरक्षण एवं विकास के उद्देश्य से पूरे वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले की एक कड़ी है "जश्न ए उर्दू"। इसमें साहित्य एवं कला की विभिन्न विधाओं पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बैतबाज़ी मुक़ाबले में भोपाल की छह टीमों ने हिस्सा लिया। इस सत्र में विशेष अतिथि के रूप में भोपाल के वरिष्ठ प्रोफ़ेसर शकूर ख़ान उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में वरिष्ठ शायर अयाज़ क़मर और क़ाज़ी मलिक नवेद के संयुक्त निर्णय से टीम जगन्नाथ आज़ाद के शकील ख़ान एवं अनस ख़ान ने पहला, टीम कैफ़ भोपाली के सरफ़राज़ अली एवं दानिश ख़ान ने दूसरा और टीम ग़ालिब के आकिफ़ ख़ान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन सभी को 5 मार्च को समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।
दूसरे सत्र में 'तहरीक ए आज़ादी और उर्दू' विषय पर पद्म श्री अख्तरुल वासे, ज़िया फारुक़ी एवं नफ़ीसा सुलताना ने अपने विचार व्यक्त किए। पद्म श्री अख्तरुल वासे ने आज़ादी में उर्दू की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम में उर्दू भाषा ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई। उर्दू शायरी और नारों से आज़ादी के मतवालों में जोश का जज्बा पैदा हुआ।
समारोह के तीसरे सत्र में सूबाई मुशायरे का आयोजन किया गया। इस मुशायरे की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर डॉ. ज़िया राना ने की। मुशायरे में हमीद गौहर, नईम राशिद, ज़ाहिद भोपाली, मसूद बेग, साजिद प्रेमी, अशोक मिज़ाज बद्र, श्री मनीष जैन रौशन, सुलेमान आज़र, श्री दीपक जैन, एम. ए. कमाल, फ़ाज़िल फै़ज़ और श्री अभय शुक्ला ने कलाम पेश किया।
पहले दिन के अंतिम सत्र में सुप्रसिद्ध क़व्वाल उस्ताद चाँद क़ादरी ने "मेरी जान जाये वतन के लिए" और देशभक्ति पर आधारित क़व्वालियां पेश कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
समारोह के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 11 बजे उर्दू में निसाई अदब पर सेमिनार, दोपहर 1 बजे ओपन माईक, 3 बजे चिलमन मुशायरा और शाम 7:30 बजे सुप्रसिद्ध गायिका ममता जोशी द्वारा भारत रत्न स्व. सुश्री लता मंगेशकर को समर्पित मधुर गीत प्रस्तुत किए जायेंगे।

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