ईरान को 8 महीने बाद मिला नया रक्षा मंत्री, पद संभालते ही अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी
तेहरान
ईरान ने लंबे अरसे के बाद नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। ईरान की संसद ने मेहराद अखलाकी केटाब्ची को रविवार को यह पद सौंपा। इस तरह से आठ महीने बाद ईरान को नया रक्षा मंत्री मिला है। मेहराद ने भी ईरान के नए रक्षा मंत्री का पद संभालते ही अमेरिका को ललकार दिया है। मेहराद ने कहा कि अगर अमेरिकी दुश्मनों ने कुछ भी गलत किया तो उनकी खैर नहीं। ईरान के लोगों और इस्लाम के रक्षकों का जवाब और ज्यादा खतरनाक और हैरान करने वाला होगा। साथ ही उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ ‘मदर ऑफ ऑल बम’ के इस्तेमाल को लेकर भी बयान दिया है।
किसकी जगह बने रक्षा मंत्री
अखलाकी ने माजिद इब्न अल-रेजा की जगह ली, जो तत्कालीन रक्षा मंत्री अजीज नसिरजादेह के फरवरी में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में मारे जाने के बाद जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अखलाकी ने ईरान की रक्षा इंडस्ट्री में दशकों बिताए हैं। उन्होंने इसके एयरोस्पेस और मिसाइल सेक्टरों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है। उन्हें ईरान के रक्षा क्षेत्र में काम करने के कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ की प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। एक कार्यक्रम में अखलाकी ने देश की सैन्य-औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बनाने, रक्षा तकनीकों के विकास को तेज करने और निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने का वादा किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति रखें ध्यान
अखलाकी ने अपने ताजा बयान में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति को यह ध्यान देना चाहिए कि उनकी सेनाएं हमारे क्षेत्र से सुरक्षित रूप से वापस लौटें। अगर उन्होंने एक भी बम गिराया, तो उन्हें देखना पड़ेगा कि उनके कितने सैनिक यहां से अंतिम यात्रा पर ही निकलेंगे। गौरतलब है कि इस हफ्ते सीएनएन की रिपोर्ट आई थी कि अमेरिका ने हमले का प्लान तैयार किया है।
इसके मुताबिक अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नए सैन्य ऑपरेशन का आदेश देते हैं, अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर जीबीयू-43/बी बम का इस्तेमाल कर सकता है। इस बम को ‘मदर ऑफ ऑल बम’ के नाम से भी जाना जाता है। यह हथियार अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु बम में से एक है।
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया है कि होर्मुज से अनधिकृत मार्ग से गुजरने की कोशिश के दौरान समुद्री बारूदी सुरंग से टकराकर 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जा रहे एक विशाल टैंकर में आग लग गई। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि जहाज ने जलडमरूमध्य से गुजरते समय अपनी स्थिति बताने वाली और रडार प्रणालियां बंद कर दी थीं, ताकि उसकी पहचान न हो सके। ईरान ने आरोप लगाया कि जहाज अमेरिकी सेना के सहयोग से इस मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहा था।

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