Thursday, September 3rd, 2026

IPL 2026: LSG डगआउट में दिखा मोबाइल फोन, BCCI जांच की उठी मांग

नई दिल्ली

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का अभियान पूरी तरह पटरी पर लौट चुका है. 10 मई (रविवार) को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुए मुकाबले में पांच बार की चैम्पियन सीएसके ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराया. लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की रेस बाहर हो गई, वहीं सीएसके अंकतालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई.  

इस मुकाबले में खेल से ज्यादा चर्चा डगआउट में दिखे एक मोबाइल फोन की हो रही है. मैच के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स के सपोर्ट स्टाफ में शामिल एक सदस्य को डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया, जिसके बाद हड़कंप मच गया. इस घटना के बाद फैन्स लगातार सवाल उठा रहे हैं और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) से जांच की मांग भी कर डाली. सवाल उठ रहे हैं कि जब डगआउट के अंदर मोबाइल फोन पूरी तरह बैन हैं, तो फिर सपोर्ट स्टाफ के पास यह डिवाइस कैसे पहुंचा.

फिक्सिंग रोकने के लिए बने हैं ऐसे नियम
आईपीएल के नियमों के तहत मैच के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी भी अनधिकृत कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होती. इन नियमों को बेहद सख्ती से लागू किया जाता है ताकि स्पॉट फिक्सिंग रोकी जा सके, सट्टेबाजी पर नजर रखी जा सके और मैच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक ना हो. खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को स्टेडियम पहुंचते ही अपने मोबाइल फोन एसीयू अधिकारियों के पास जमा कराने होते हैं.
यह भी पढ़ें: मुंबई इंडियंस से नाराज हैं कप्तान हार्दिक पंड्या? इंस्टाग्राम एक्टिविटी से बढ़ीं अटकलें

डगआउट में मोबाइल जैसे डिवाइस के दिखाई देने के बाद अब यह मामला गंभीर माना जा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि बीसीसीआई की एसीयू इस पूरे मामले की औपचारिक जांच कर सकती है. अब तक ना तो लखनऊ सुपर जायंट्स और ना ही बीसीसीआई की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने आया है. लेकिन सोशल मीडिया पर यह विवाद तेजी से फैल चुका है और फैन्स लगातार पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

इसी सीजन राजस्थान रॉयल्स (RR) के मैनेजर रोमी भिंडर कुछ इसी तरह डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए थे. भिंडर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. बीसीसीआई ने भिंडर को चेतावनी दी थी कि वो भविष्य में ऐसी गलती दोबारा ना करें.

आईपीएल में लगातार सामने आ रहे विवादों और प्रोटोकॉल उल्लंघनों के चलते बीसीसीआई ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीम्स को 8 पन्नों की नई एडवाइजरी भेज दी है. इस एडवाइजरी में साफ बताया गया कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य नियमों का सख्ती से पालन करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी. हालांकि इस एडवाइजरी का असर होता नहीं दिख रहा है.

 

 

#ipl

Source : Agency

आपकी राय

7 + 7 =

पाठको की राय