Tuesday, October 20th, 2026

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर साईकिल रैली से दिया जागरूकता का परिचय

रायपुर

पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के छत्तीसगढ़ नोडल कार्यालय एवं सी 3, 36गढ़ साइक्लिंग क्लब के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2024 के उपलक्ष्य में गुरुवार को एक साईकल रैली का आयोजन किया गया। चूंकि पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा देता है, इसलिए भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए पर्यटन के महत्व के बारे में सामान्य जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रति वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के रूप में स्थापित किया है। यह दिवस, पर्यटन और इसके सामाजिक, राजनीतिक, वित्तीय महत्व और सांस्कृतिक मूल्यों के बारे में वैश्विक समुदाय के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है।

साईकल रैली का शुभारंभ रायपुर स्थित मरीन ड्राइव, तेलीबांधा से हुआ, इस अवसर पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के छत्तीसगढ़ नोडल कार्यालय के प्रबंधक मयंक दुबे द्वारा राष्ट्रीय पर्यटन दिवस की उपयोगिता एवं इसे मनाने का उद्देश्य एवं कार्यक्रम की रुपरेखा बताते हुए सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत किया गया। तदरूपान्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अनिल कुमार साहू (आईएफएस), सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार एवं श्री जॉब जकारिया, भारत में यूनिसेफ (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) छत्तीसगढ़ के प्रमुख द्वारा साईकल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रैली रायपुर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नेशनल इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी), रायपुर तक पहुंची, जहाँ एनआईटी रायपुर के युवा पर्यटन क्लब के सदस्यों द्वारा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। जिसके उपरांत रैली का समापन भारत पर्यटन रायपुर के होटल जोहार स्थित कार्यालय पर किया गया। इस रैली में 110 साईकल चालकों ने प्रतिभागिता की।

सी3, 36गढ़ साइक्लिंग क्लब के प्रतिनिधि डॉ. भार्गव आयंगर द्वारा साइकिलिंग के फायदों के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि कई स्टडी में पता चला है कि नियमित साइकिलिंग से आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा मिल सकता है। इससे मांसपेशियों का निर्माण हो सकता है और आराम करते समय भी अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं। साथ ही साथ प्रतिदिन साइकिल चलाने से आपके पैरों को मजबूती मिलती है। रैली के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, साईकल चलायें, स्वस्थ रहें, एकल उपयोग प्लास्टिक को ना कहें, स्थानीय संस्कृति और विरासत का सम्मान करें, विरासत को संजोयें, विरासत की रक्षा करें जैसे कई नारों के साथ स्थानीय नागरिकों को जागरूक किया गया।

 

Source : Agency

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