विदेशी पर्यटकों के लिए 27 से शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
ग्वालियर
केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि विदेशी पर्यटकों के लिए 27 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की जाएंगी। विदेशों से पर्यटन भारत भ्रमण पर आ सकें, इसके लिए पहले 5 पर्यटकों को वीजा शुल्क में छूट प्रदान की जाएगी। भारत सरकार 170 देशों को ई-टूरिस्ट वीजा दे रही है। उन्होंने कहा, ग्वालियर किला देश के शीर्ष 75 धरोहरों में किया जाएगा शामिल। इसके विकास के लिए केंद्र सरकार राज्य को देगी पैसा ।
केन्द्रीय पर्यटन मंत्री मंगलवार को भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में आयोजित इंक्रेडिबल इंडिया (अतुल्य भारत) टूरिस्ट फैसिलिटेटर व इंक्रेडिबल इंडिया टूरिस्ट गाइड प्रोग्राम में शिरकत करने आए थे। कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर वर्चुअली शामिल हुए। कार्यक्रम में देशभर के 3050 प्रशिक्षणार्थियों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में उन्हें प्रमाणपत्र वितरित किए गए। केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री रेड्डी ने कहा कि कोरोना के कारण पिछले दो साल में सबसे अधिक नुकसान पर्यटन उद्योग को हुआ है। इस उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए अब जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास सबसे प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और पूर्वजों की विरासत है।
युवा विश्वास के साथ टूरिज्म से जुड़कर भारत की शान बढ़ाएं। पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनायें हैं। सरकार की पर्यटन हितैषी नीति की बदौलत भारत की पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक रैंकिंग अब 34 हो गई है, जो वर्ष 2015 में 52 थी। कार्यक्रम में केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, भारत सरकार के पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर जनरल रूपिंदर बरार, आइआइटीटीएम के निदेशक प्रो. आलोक शर्मा आदि मौजूद थे।
किले पर गंदगी देख नाराज हुए मंत्री
केन्द्रीय पर्यटन मंत्री ग्वालियर किले पर भ्रमण करने पहुंचे। इस दौरान उन्हें मानसिंह महल में गंदगी मिली। जिस पर मंत्री पर्यटन विभाग के अफसरों पर नाराज हुए। मौके पर ही अफसरों की फटकार लगाई।
पर्यटन मंत्री ने यह घोषणाएं कीं
- इंक्रेडिबल इंडिया टूरिस्ट फैसिलिटेटर व इंक्रेडिबल इंडिया टूरिस्ट गाइड का डिप्लोमा कोर्स में भाग लेने वाली महिलाओं के लिए 50 फीसद फीस माफ की जाएगी। छह महीने के डिप्लोमा के लिए 2 हजार रुपये फीस देनी होती है। महिलाएं 1 हजार रुपये में डिप्लोमा कर सकती हैं।
- ग्वालियर किले को विकसित करने के लिए तीन से चार महीने में डीपीआर तैयार कराई जाएगी। इस पर जितना भी खर्च आएगा, उतना पैसा राज्य सरकार को दिया जाएगा। ग्वालियर किला देश 75 ऐतिहासिक इमारतों में शामिल किया जाएगा, जिन्हें पर्यटक ज्यादा पसंद करते हैं।
- कोविड-19 से टूर एंड ट्रेवल्स संचालकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उनकी मदद के लिए पॉलिसी तैयारी की जा रही है।
- मुरैना जिले के प्रख्यात ऐंती गांव में स्थित शनिदेव मंदिर व मितावली, पढ़ावली, बटेश्वरा व ककनमठ का विकास भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत किया जाएगा।
- मुरैना के राम प्रसाद बिस्मिल संग्रहालय के विकास के लिए भी आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।

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