Tuesday, October 20th, 2026

इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट: दस हजार एकड़ पर खुलेंगी इंडस्ट्री

ग्वालियर
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में में अटल प्रोग्रेस वे को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने यहां कामकाज तेज कर दिया है।  404 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे से न सिर्फ पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और राजस्थान आनाजाना और सुगम हो जाएगा बल्कि प्रदेश का औद्योगिक विकास भी तेजी से होगा। अटल प्रोग्रेस वे के लिए इंडस्ट्री की डिमांड पर राज्य सरकार दस हजार हेक्टेयर जमीन उद्योगों के लिए आरक्षित कर रही है।

अटल प्रोग्रेस वे पर औद्योगिक विकास के लिए कुल अठारह साइट विकसित की जाएंगी। इसके लिए फेंसिंग करने की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। मुख्य सचिव के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों और प्रमुख उद्योगपतियों की पहले दौर की बैठक हो चुकी है। जमीन तय कर ली गई है। उद्योगों की डिमांड पर दस हजार एकड़ से अधिक जमीन आरक्षित की जा रही है।  राष्टÑीय राजमार्ग के आजू-बाजू, रेल और सड़क मार्ग से लगी जमीनों पर औद्योगिक गतिविधियां शुरु की  जाएंगी। जो एनएच से अलग औद्योगिक क्षेत्र होंगे वहां अलग से बड़ी सड़कें भी बनाई जाएगी।

दिल्ली में पर्यावरण और प्रदूषण के बढ़ने के बाद एनजीटी ने कई इंडस्ट्रियों को वहां से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने के निर्देश दिए है। वहीं आगरा में ताजमहल को उद्योगों से हो रहे नुकसान के चलते वहां से भी काफी उद्योगों को शिफ्ट किया जाना है। इन सभी स्थानों के उद्योगपतियों से ईमेल से और बैठकों के जरिए चर्चा हो चुकी है। इंजीनियरिंग, फूड से जुड़ी कई इंडस्ट्री मध्यप्रदेश आने के लिए तैयार है। इन सबको अटल  प्रोग्रेस वे पर विकसित भूखंड और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। मध्यप्रदेश में ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुर कला में ये औद्योगिक क्षेत्र अटल प्रोग्रेस वे पर और उससे जुड़ने वाले मार्गो पर शुरु किए जाएंगे। भिंड में मालनपुर और बामौर तथा ग्वालियर और भिंड को जोड़ने वाले रोड पर भी औद्योगिक विस्तार किया जाएगा। श्योपुर कला में भी औद्योगिक विकास के मार्ग प्रशस्त होंगे।

एक्सप्रेस वे श्योपुर, मुरैना और भिंड के 153 गांवों से गुजरेगा। इसके कुल 3055 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। 1523 हेक्टेयर शासकीय भूमि शासन ने भारतीय राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दी है। 1248 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण होगा। श्योपुर में 509 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण होगा। 30 प्रतिशत भूमि आपसी सहमति से अदला-बदली के माध्यम से ली जाएगी। वहीं, भिंड में 118 हेक्टेयर निजी भूमि चिन्हित की गई है। इसमें से 50 फीसद पर आपसी सहमति से अदला-बदली करने की सहमति हो चुकी है। मुरैना में  621 हेक्टेयर भूमि निजी क्षेत्र की परियोजना में आ रही है। 284 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव राज्य सरकार केंद्र को भेज चुकी है।

अटल प्रोग्रेस वे के माध्यम से सड़क के किनारे दोनों ओर स्मार्ट औद्योगिक सिटी बनाएगी। निजी निवेशकों की मदद से इनका विकास किया जाएगा। इनमें हर वो सुविधा होगी, जो निवेश को आकर्षित करने के लिए आवश्यक होती है। सर्वसुविधायुक्त होटल, अस्पताल, परिवहन और आवासीय व्यवस्था बनाई जाएगी। उद्योग विभाग ने अटल प्रोग्रेस वे के दोनों ओर स्मार्ट औद्योगिक सिटी विकसित करने के लिए तैयारी प्रारंभ कर दी है। आसपास के गांवों को भी स्मार्ट विलेज में तब्दील किया जाएगा। यहां भी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवासीय क्षेत्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं होंगी। माल, सिनेमाघर, होटल, अस्पताल, स्कूल सुविधा रहेगी। उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने और युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण देने के लिए संस्थान स्थापित किए जाएंगे।

अटल प्रोग्रेस वे प्रदेश के श्योपुर, मुरैना और भिंड जिले से गुजरेगा। लोक निर्माण विभाग ने यहां भूमि अधिग्रहण की तैयारी कर ली है। जनवरी 2022 में इसके निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की जा सकती हैं। एक हजार 523 हेक्टेयर शासकीय भूमि भारतीय राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण को हस्तांतरित भी की जा चुकी है। बारिश का दौर समाप्त होते ही निजी भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी।

 

#Industrial Development

Source : Agency

पाठको की राय