Saturday, October 24th, 2026

भारत की दोस्ती अफगान के साथ ऐतिहासिक, नहीं छोड़ेंगे साथ; विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया वादा

नई दिल्ली
अफगानिस्तान में गंभीर मानवीय संकट के बीच भारत ने सोमवार को कहा कि वह पहले की तरह ही अफगानों के साथ खड़ा रहेगा। भारत ने अफगानिस्तान को सहायता करने वाले देशों को निर्बाध पहुंच प्रदान किये जाने और समाज के सभी वर्गों को राहत सामग्री के बिना भेदभाव के वितरण की भी जरूरत बताई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान एक अहम और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और वहां बेहतर माहौल बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साथ आना चाहिए।

गरीबी का बढ़ता स्तर है खतरा
अफगानिस्तान में मानवीय हालात पर संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय बैठक में डिजिटल तरीके से अपने संक्षिप्त संबोधन में विदेश मंत्री ने गरीबी के बढ़ते स्तर के खतरे पर भी जोर दिया। कहा कि इसका क्षेत्रीय स्थिरता के लिए विनाशकारी असर हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान के भविष्य में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका का लगातार समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के प्रति भारत का दृष्टिकोण हमेशा इसके लोगों के साथ हमारी ऐतिहासिक मित्रता द्वारा निर्देशित होता रहा है, आगे भी ऐसा ही रहेगा।

भारत रख रहा है हालात पर नजर
विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में राहत सामग्री पहुंच जाएगी तो दुनिया अफगान समाज के सभी वर्गों में मानवीय सहायता के भेदभाव रहित वितरण की स्वाभाविक रूप से अपेक्षा रखेगी। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा हालात में व्यापक बदलाव और इसके परिणाम स्वरूप मानवीय जरूरतों में भी परिवर्तन देखा गया है। विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के करीबी पड़ोसी के रूप में वहां के घटनाक्रम पर भारत नजर रख रहा है।  उन्होंने कहा कि यात्रा और सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा मानवीय सहायता में अवरोध बन सकता है जिसे तत्काल सुलझाया जाना चाहिए।
 

 

#Jaishankar

Source : Agency

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