लोन दिलाने के नाम पर 15 दलितों को मुस्लिम बनाया, चार साल बाद पता चला
चांदीनगर बागपत
बागपत के खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र के अहमदनगर नंगलाबड़ी गांव में दलित समाज के 15 से अधिक लोगों का धोखे से धर्म परिवर्तन करा दिया गया। उन्हें इसकी जानकारी चार साल बाद तब हुई, जब श्रम कार्डों पर उनके नाम मुस्लिम आए। पता चलने पर शनिवार को हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने हंगामा काटते हुए आरोपियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
अहमदनगर नंगलाबड़ी गांव में दलित समाज के मनोज, पप्पू और ज्योति आदि रहते हैं। आरोप है कि करीब चार साल पहले पहले गांव के ही मुस्लिम समाज के लोग उनके आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने सरकार की ओर से ऋण मिलने की जानकारी दी। कहा कि जो ऋण का पैसा मिलेगा, वह वापस नहीं लौटाना पड़ेगा। इसके बाद वे उनके झांसे में आ गए और फार्म भरने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने आधार कार्ड बनाने वाली मशीन उनके घर पर भिजवाई और फिर मशीन पर उनकी उंगलियों के निशान लिए और शपथ पत्र भी लिया। इसके बाद वे वापस लौट गए। अब इन सभी के श्रम कार्ड बनकर आए, तो उसमें उनके नाम मुस्लिम दर्ज हुए पाए गए। पता चलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। शनिवार की दोपहर हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अहमदनगर नंगलाबड़ी गांव में पहुंचे। वहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मामले की सच्चाई जानी।
आर्य समाज के पूर्व प्रधान एवं हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी राकेश आर्य ने बताया कि यह एक नेटवर्क है, जिसके तार मेरठ से जुड़े हैं। उधर, दलित समाज के लोगों ने भी थाने में तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी खेकड़ा देवेश शर्मा का कहना है कि धर्म परिवर्तन की बात निराधार है। श्रम कार्ड में नाम बदलने का मामला सामने आया है। तहरीर मिल गई है, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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