तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिवस में छात्रों ने सीखा डिप्रेशन केसेस को हैंडल करना
रायपुर
मनोविज्ञान अध्ययनशाला पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान अध्ययनशाला में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला "काउंसलिंग एवं साइकोथेरेपी के अंतिम दिवस विशेषज्ञ प्रो. प्रमिला सिंह ने विद्यार्थियों को डिप्रेशन (अवसाद) से ग्रस्त व्यक्ति के मनोपचार के लिए विभिन्न तकनीकें सिखाईं।
मनोविज्ञान में उपयोग होने वाले विभिन्न सिद्धांतों में से मनश्चिकित्सा एवं व्यवहारात्मक पद्धतियों का व्यवहारिक उपयोग विद्यार्थियों ने डमी केसेस को सॉल्व करके सीखा। यह सभी सिद्धांत उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं और दैनिक जीवन के कई केसेस को सॉल्व करने में विद्यार्थियों को इनकी आवश्यकता पड़ती है। केसर सिंह ने बताया कि वर्तमान जीवन चुनौतियों से भरा पड़ा है ऐसे में सामान्य व्यक्ति को इन चुनौतियों का सामना करने में कठिनाई होती है । जब व्यक्ति के जीवन में विपरीत परिस्थिति आती हैं तो उसके मस्तिष्क में उत्पन्न होने वाले अधिकतर विचार नकारात्मक एवम आधारहीन होते हैं जिनकी पहचान कर सही ढंग से करना बहुत जरूरी होता है। यदि कोई व्यक्ति इस कार्य को स्वयं से न कर पाएं तो उसे एक प्रशिक्षित परामर्शदाता की सहायता लेने में झिझकना नहीं चाहिए।
वहीं परामर्शदाता को परामर्श के दौरान किस तरह की संरचित प्रणाली एवम व्यवस्था बनाकर क्लाइंट की सहायता करनी चाहिए इसकी भी तकनीकी जानकारी उन्होंने दी। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में विभाग के विभिन्न कोर्स के 36 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण लिया। उक्त कार्यक्रम में प्रो. प्रभावती शुक्ला, प्रो. मीता झा, डॉ. रोली तिवारी, श्री टिकेश्वर प्रसाद साहू, ममता साहू, डॉ. जीता बेहरा शामिल थे।

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