Sunday, October 18th, 2026

गुना में शव घर ले जाने से रोका, अस्पताल के बाहर सजानी पड़ी अर्थी

गुना.

मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मृत महिला का शव उसके मकान मालिक ने नहीं लाने दिया तों स्वजन को खुले आसमान के नीचे अंतिम यात्रा की रस्म करनी पड़ीं। मकान मालिक ने कह दिया कि नवरात्रि है, इसलिए शव को घर नहीं लाने दिया जा सकता।

31 वर्षीय मृतका पूजा रजक अपने पिता और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहा करती थी। इंदौर में उसका विवाह हुआ लेकिन कैंसर की बीमारी के कारण पति ने छोड़कर दूसरा विवाह कर लिया, इस वजह से वह तीनों बच्चों को लेकर गुना में पिता के साथ आकर रहने लगी थी। पिता पहलवान रजक मजदूरी करते थे और किराए के घर में रहते हैं। हालत ज्यादा खराब होने पर तीन दिन पहले पूजा को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। आर्थिक रूप से मजबूर पिता और मां भोपाल ले जाकर इलाज कराना चाहते थे।

इंदौर से दूसरी पत्नी संग आया पति
पहली पत्नी की मौत की खबर सुनकर पति भी इंदौर से अपनी दूसरी पत्नी के साथ गुना आया। इस दौरान पूजा के स्वजन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में ही पूजा के अंतिम संस्कार के लिए तैयार की, उसकी अर्थी सजाई गई और शादी के जोड़े में अंतिम यात्रा निकाल बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम ले जाया गया, जहां बेटे ने मुखाग्नि दी।

कलेक्टर ने की थी मदद
सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद भार्गव ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को पूरा मामला बताया तो उन्होंने आर्थिक मदद की, लेकिन भोपाल में डॉक्टरों ने भी गंभीर हालत बताई। इस पर बीते दिन महिला को वापस गुना लाया जा रहा था, जिसकी रास्ते में मौत हो गई।

 

#Funeral

Source : Agency

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