Wednesday, October 21st, 2026

बस्तर दशहरा में कालबान बंदूक की स्थापना कर शस्त्र पूजा की रस्म होगी आज

जगदलपुर

बस्तर दशहरा में रियासत कालीन परंपरानुसार विजयादशमी तिथि पर 24 अक्टूबर को शस्त्र पूजा की रस्म संपन्न की जायेगी, जिसके तहत मां दंतेश्वरी मंदिर में राजकुमारी मेघावती के कालबान बंदूक व मांईजी के निशान (लाट) को ससम्मान मंदिर में स्थपित कर परंपरानुसार शस्त्र पूजा संपन्न की जायेगी।

मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी उदय पानीग्राही ने बताया कि मेघावती पांसकंड की राजकुमारी थी, राजकुमारी मेघावती के शताब्दियों पहले लगभग 200 वर्ष पूर्व कालबान बंदूक मां दंतेश्वरी को भेंट की थी, तब से यह बंदूक मां दंतेश्वरी मंदिर में रखा गया है, विजयादशमी तिथि पर शस्त्र पूजा के लिए इसे बाहर निकाला जाता है। यह भरमार बंदूक करीब सात फीट लंबी व 20 किलो ग्राम वजनी है।

कालबान के साथ ही देवी निशान (लाट) दंतेश्वरी मंदिर में स्थापित करने वाले तुकाराम यादव बताते हैं कि देवी निशान (लाट) राजमहल परिसर में मंदिर निर्माण के मौके पर वर्ष 1894 में राजपरिवार ने उनके पूर्वजों को सौंपा था, तब से बस्तर दशहरा के दौरान उनके परिवार के लोग इस लाट को मंदिर में स्थपित करने की परंपरा का निर्वहन करते चले आ रहे हैं इस बंदूक और लाट को भीतर रैनी व बाहर रैनी पूजा विधान के अवसर पर मंदिर से पूजा के लिए बाहर निकाला जाता है।

 

Source : Agency

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