Wednesday, October 21st, 2026

ट्वीट कर फसे इमरान खान, भारतीयों ने ट्रोल करके कहा कि इसे बस तोड़ मत देना

 

इस्‍लामाबाद
अफगानिस्‍तान में तालिबान‍ी आतंकियों का खुलकर समर्थन करने वाले पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भगवान बुद्ध की चट्टान पर उकेरी गई तस्‍वीर को ट्वीट करके ट्रोल हो गए। इमरान ने ट्वीट करके बताया कि स्‍वात घाटी के जहानाबाद में स्थित यह आकृति बुद्ध की सबसे बड़ी चट्टानी आकृतियों में से एक है। उन्‍होंने कहा कि यह करीब 2000 साल पुरानी है। इमरान खान के इस ट्वीट बड़ी संख्‍या में भारतीयों ने ट्रोल करके कहा कि इसे अपने तालिबानी दोस्‍तों की तरह से तोड़ मत देना।

इमरान के इस ट्वीट के जवाब में भारत के रहने वाले विकास पांडे ने ट्वीट करके कहा, 'अब बस तोड़ मत देना। यह आखिरकार आपके इतिहास का हिस्‍सा है।' विनीत लिखते हैं, 'अगर यह मूर्ति होती तो टूट गई होती। चट्टानी आकृति है न, इसलिए उसे तोड़ने के लिए विस्‍फोटक लगाने होंगे जिसके लिए पैसे नहीं हैं और इसे जुटाने के लिए इमरान खान ट्वीट कर रहे हैं।' एक अन्‍य यूजर ने कहा कि इस समय यह ट्वीट करने का क्‍या मतलब है।

स्‍वप्निल अग्रवाल ने लिखा, 'इमरान खान बुद्ध की चट्टानी आकृति को पोस्‍ट करना अच्‍छा है। अगर आप भगवान बुद्ध को पढ़ो और उनकी शिक्षाओं का पालन करो तो आप लोग ज्‍यादा अच्‍छी स्थिति में आ सकते हो। भगवान बुद्ध हमेशा से ही शांति और मानवता की शिक्षा देते थे। आपका देश दुनिया के लिए आतंकियों और सामूहिक हत्‍या करने वालों के लिए फैक्‍ट्री है। जाइए और पढ़‍िए तथा बुद्ध की शिक्षाओं का पालन कर‍िए।' भारतीयों के इन ट्वीट के बाद पाकिस्‍तानी लाल हो गए और उन्‍होंने काफी अपशब्‍दों का इस्‍तेमाल किया।

बता दें कि इमरान खान के दोस्‍त तालिबानियों ने अफगानिस्‍तान में स्थित बामियान की मशहूर बुद्ध प्रतिमा में विस्फोटक लगाने का हुक्म दिया था। बलुआ पत्थर की प्राचीन प्रतिमा कभी विश्व भर में बुद्ध की सबसे ऊंची मूर्ति हुआ करती थी। इसे नेस्तनाबूद कर तालिबान ने न सिर्फ़ दुनिया भर को भारी सदमा पहुंचाया था बल्कि इस्लामिक स्टेट जैसी संस्था के लिए भी मिसाल कायम की थी।

संयुक्‍त राष्‍ट्र के आतंकी सूची में शामिल तालिबानी नेता मुल्‍ला हसन ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए वर्ष 2001 में तालिबान की सरकार आने पर बामियान स्थित भगवान बुद्ध की मूर्तियों को नष्‍ट करने का आदेश दिया था। तालिबानी आतंकियों ने बुद्ध की विशाल मूर्तियों को तोप के गोलों से उड़ा दिया था। मुल्‍ला हसन ने इसे अपनी धार्मिक ड्यूटी करार दिया था। इस दौरान मुल्‍ला हसन तालिबान सरकार में डेप्‍युटी पीएम और विदेश मंत्री था।

 

Source : Agency

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