प्रतिबन्ध के बाद भी खुलेआम शराब दुकान के पास चल रहा अवैध चखना सेंटर
जांजगीर-चांपा
आबकारी अधिनियम के नियम एवं धाराओं को सख्त बनाया जा चुका है। जिसके अधीन मदिरा प्रेमी सार्वजनिक स्थानों होटलों ढाबों ठेलो तथा देसी शराब अड्डे के पास चखना सेंटरों में मदिरा सेवन पर सख्त प्रतिबंध अधिरोपित करने के उपरांत भी शराब दुकान के सम्मुख अवैध चखना सेंटर निर्बाध रूप से संचालित है।
प्रदेश के आबकारी अधिनियम में बड़ा बदलाव कुछ साल पहले किया जा चुका है, जिसके अंतर्गत मदिरा प्रेमी सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम मदिरा सेवन सहित चखना पदार्थ का बड़ा मजा लूटने पर सख्त पाबंद लगाई गई है। फिर भी चांपा सहित जिले के कई सरकारी मदिरा दुकानों के पास अवैध चखना सेंटर को बड़े शानो-शौकत के साथ चलाया जा रहा है।
इससे साफ जाहिर है कि चखना परोसने वाले बाबू का हौसला बुलंदियों पर चल रहा है। जिसका उदाहरण इन चखना सेंटरों में जाकर देखा जा सकता है। छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम में कड़ी पाबंदी के साथ स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक स्थानों जैसे कि होटल,ढाबा, लॉज,ठेला,मेला, चौक चौराहो सहित गली मोहल्लों में सरेआम शराब सेवन पर बड़ी प्रतिबंध घोषित की जा चुकी है।
इसके बाद भी छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम का कई लोगों के द्वारा जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। शासन प्रशासन द्वारा जारी सख्त दिशा निदेर्शों से कोई लेना-देना नहीं जिसके चलते वे सीना तान के सरेआम चकना सेंटर में मदिरा प्रेमियों को शराब के साथ भजिया, मुर्रा, चना, मिक्चर और मुर्ग मुसल्लम की लजीज पार्टी का आयोजन सरेआम चल रहा है।

पाठको की राय