Wednesday, October 21st, 2026

कच्चे माल की आयात शुल्क को कम करने आईआईएफ ने की मांग

रायपुर
कच्चे माल की लागत में भारी वृद्धि के साथ धातु की ढलाई का उत्पादन करने वाली फाउंड्री या तो उत्पादन कम करने या बंद करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि वे लागत के बढ़ते दबाव को पूरा करने में असमर्थ हैं। महंगे कच्चे माल और अन्य इनपुट सामग्री ने पिछले दो महीनों में फाउंड्री में उत्पादन लागत को कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इंस्टिट्यूट आॅफ इंडियन फाउंड्रीमेन (आईआईएफ) ने कच्चे माल की आयात शुल्क को कम करने की मांग करते हुए कहा कि पूरे भारत में फाउंड्री को कम से कम एक पखवाड़े या उससे अधिक समय के लिए उत्पादन बंद करने के लिए मजबूर होना पडा है।

आईआईएफ के अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने कहा कि केंद्र सरकार कास्टिंग उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख कच्चे माल पर आयात शुल्क को वापस ले। अधिकांश कच्चे माल का आयात किया जाता है और इसलिए आयात शुल्क में कटौती से उत्पादन की लागत को कम करने में मदद मिलेगी। सरकार को नीतिगत समर्थन के माध्यम से भारत में कास्टिंग उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले फेरो-मिश्र धातु और विभिन्न रसायनों के निर्माण को प्रोत्साहित करना चाहिए।

 

Source : Agency

पाठको की राय