जहरीली शराब से नहीं तो फिर कैसे हुई मौत? बिहार में 30 लोगों की मौत पर एडीजी ने दिया गोलमोल जवाब
पटना
होली के दौरान बिहार के तीन जिलों में 30 लोगों की मौत संदिग्ध हालत में हो गई। मृतकों में 17 भागलपुर जिले के, 12 बांका जिले के और दो मधेपुरा जिले के हैं। इसको लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र कुमार ने बताया है कि जिला प्रशासन से आई रिपोर्ट में लोगों की संदिग्ध मौत बीमारी की वजह से हुई है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर परिवार के कोई सदस्य संदिग्ध हालत में बीमार पड़ते हैं, तो इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को दें, ताकि पुलिस मामले की निगरानी रख सके।
एडीजी जितेंद्र कुमार ने आगे बताया है कि मधेपुरा में जिन लोगों की मौत हुई है वो पहले से ही गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। मृतकों के परिजनों ने भी जहरीली शराब का सेवन से इंकार किया है। वहीं भागलपुर में जिन चार लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों ने भी शराब पीने की बात से इंकार किया है। दो अन्य लोगों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद भी कुछ कहा जा सकता है।
बांका जिले में हुई दस से अधिक लोगों की मौत को लेकर एडीजी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जब सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची तो मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। साथ ही पूछताछ के दौरान परिजनों ने भी कोई आशंका जाहिर नहीं की। भागलपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए दो शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। कई परिवारवालों ने बीमारी से मौत की बात लिखकर दी है। अन्य परिवारों से संपर्क किया जा रहा है। शराब का धंधा करने वालों के विरुद्ध छापेमारी की जा रही है।
वहीं बांका के एसपी अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा है कि अमरपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में कुछ लोगों की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है। जांच के लिए एसडीपीओ को भेजा गया है। मौत किस कारण से हुई, इसकी जांच चल रही है। मामला अलग-अलग गांवों का है, इसलिए गहनता से जांच करायी जा रही है।

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