Sunday, October 25th, 2026

ICMR ने शोध में पाया वैक्‍सीन का मिक्‍स डोज लगवाने वालों में दिखा बेहतर असर

नई दिल्‍ली
दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए वैक्‍सीन को सबसे बेहतर सुरक्षा उपाय के तौर पर देखा जा रहा है. यही कारण है कि कोरोना वैक्‍सीन को लेकर अभी भी परीक्षण जारी है. इसी कड़ी में अब दुनिया के अन्‍य देशों की तरह ही भारत में भी कोरोना वैक्‍सीनेशन में मिश्रित खुराक को लेकर शोध किया जा रहा है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने शोध में पाया है कि कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन के मिक्‍स डोज के काफी बेहतर परिणाम सामने आए हैं.

आईसीएमआर के शोध में पाया गया है कि एडिनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म के आधार पर दो वैक्‍सीन को जब मिलाया गया तो उसके काफी बेहतर परिणाम देखने को मिले. इससे न केवल कोरोना के संक्रमण को कम किया जा सका बल्कि इससे शरीर में अच्‍छी इम्‍यूनिटी भी बनती देखी गई.

बता दें कि विशेषज्ञ कार्य समिति (एसईसी) ने कुछ दिन पहले ही कोविशील्ड और कोवैक्‍सीन के मिश्रित खुराक के साथ ही नाक में दी जाने वाली भारत बायोटेक की वैक्‍सीन पर अध्‍ययन को मंजूरी दी थी. एसईसी से जुड़े सदस्‍यों ने बताया कि कई देशों में एक ही इंसान को दो कोरोना वैक्‍सीन दी जा चुकी है और इसके परिणाम काफी बेहतर देखने को मिले हैं.

समिति के सदस्‍यों ने बताया कि कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन की मिश्रित खुराक का अभी तक कोई प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिला है. उत्‍तर प्रदेश में गलती से एक शख्‍स को दो अलग-अलग वैक्‍सीन की डोज दे दी गई थी. इसके बाद डॉक्‍टरों ने उस शख्‍स पर नजर रखी. बता दें कि शख्‍स पूरी तरह से स्‍वस्‍थ है और उसे किसी भी तरह की कोई दिक्‍कत नहीं है. पूरी संभावना है कि वैज्ञानिक अध्ययन में कोरोना वायरस और एडिनो वायरस से बनीं दो अलग-अलग वैक्सीन एक शरीर में जाकर समान असर दिखाएंगीं.

 

#ICMR

Source : Agency

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